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नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) अंकिता भंडारी के माता-पिता ने बुधवार को यह मांग करते हुए यहां इंडिया गेट के पास विरोध प्रदर्शन किया कि जब तक अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को रोक दिया जाए।
उत्तराखंड में ऋषिकेश के वनतारा रिसॉर्ट में 18 सितंबर, 2022 को 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गयी थी। वह वहां ‘रिसेप्शनिस्ट’ के तौर पर काम करती थी।
अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बार-बार भाजपा नेता गौतम का नाम इस मामले में कथित वीआईपी के तौर पर घसीटा है। गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
वर्ष 2022 में हत्या के चार दिन बाद अंकिता का शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को दोषी ठहराया गया तथा उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। पुलकित आर्य पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है।
इस मामले ने तब राजनीतिक सुर्खियां बटोरीं जब आरोप लगे कि इस अपराध में कोई अज्ञात वीआईपी शामिल था। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस कथित वीआईपी कोण की जांच की मांग की है । इन आरोपों के सिलसिले में गौतम का नाम सामने आया है।
गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और ऐसा आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू की है।
इंडिया गेट के पास धरने पर बैठीं अंकिता की मां ने रोते हुये कहा, ‘‘जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।’’
अंकिता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या में एक वीआईपी की अहम भूमिका थी । उन्होंने दावा किया कि इसके लिए गौतम ज़िम्मेदार थे। हालांकि, गौतम पर लगे ये आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि मेरी बेटी की हत्या में उस वीआईपी की बड़ी भूमिका थी। अब केंद्र ने गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार और राष्ट्रपति से विनम्र अनुरोध करते हैं कि जब तक इस मामले की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।’’
अंकिता के माता-पिता ने कहा कि उन्होंने अपनी चिंताएं बताने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे देहरादून में सचिवालय स्थित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
अंकिता के माता-पिता का यह प्रदर्शन कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई की ओर से गौतम की नियुक्ति का विरोध किये जाने के बीच आया है। पार्टी का आरोप है कि अंकिता हत्याकांड के सिलसिले में उनका नाम सामने आया था।
पार्टी ने दावा किया है कि इस नियुक्ति का लक्ष्य उन्हें बचाना है क्योंकि राज्यपाल पद पर रहते हुए किसी आपराधिक कार्यवाही का हिस्सा नहीं हो सकते है।
भाषा राजकुमार रंजन
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