(फाइल फोटो के साथ)
मुंबई, 14 अक्टूबर (भाषा) असहमति को लोकतंत्र का अनिवार्य अंग बताते हुए राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं आशुतोष रांका एवं सौरभ दास की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
सुले ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्र ध्वज लहराना कोई अपराध नहीं है।
महाराष्ट्र के बारामती संसदीय क्षेत्र की सांसद सुले ने लिखा, ‘‘सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ़्तारी और उन्हें तिहाड़ जेल भेजे जाने से मैं बहुत चिंतित हूं। मैं केंद्रीय गृहमंत्री से अपील करती हूं कि वह इसमें दखल दें और उनकी तत्काल रिहाई सुनिश्चित करें। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। असहमति लोकतंत्र का एक जरूरी हिस्सा है और हर भारतीय को बिना किसी डर के अपनी आवाज़ उठाने की आज़ादी होनी चाहिए।’’
दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया। उन पर शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन करने और जबरन जंतर-मंतर पहुंचने का आरोप है। जंतर मंतर की अब विरोध-प्रदर्शन वाली जगह के तौर पर मान्यता नहीं है।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश