इंदौर, 14 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर और देवास जिलों में लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रधान आरक्षक और उसके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे और करीब 29.73 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का पता लगाया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान ने बताया कि इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में चालक के तौर पर पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान (48) के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह लंबे समय से अनुपस्थित हैं और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का कथित रौब झाड़कर विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और इन संपत्तियों की खरीद में मिलीभगत के आरोप में रोशनी वर्मा नामक महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया।
तालान ने बताया,‘‘छापों में अब तक 33 अचल संपत्तियों का पता लगाया गया है। इनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 29.73 करोड़ रुपये आंका गया है। इनमें खान और वर्मा के साथ ही प्रधान आरक्षक की पत्नी व मां के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां शामिल हैं, जबकि कुछ संपत्तियां बेनामी हैं।’’
डीएसपी ने बताया कि पुलिस विभाग में खान के 24 साल के सेवाकाल में वेतन से उनकी कमाई करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है और अन्य स्रोतों से हुई कमाई जोड़ने पर उनकी कुल वैध आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया,‘‘छापों के दौरान आरोपियों के घरों से ट्रक और कार सहित नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। उनके नाम पर 21 बैंक खाते होने का भी पता चला है। इन खातों से धन की निकासी पर रोक लगाई गई है।’’
डीएसपी ने बताया कि जांच में आरोपियों से जुड़ी पांच निजी कंपनियों के सुराग भी मिले हैं और विस्तृत जांच जारी है।
भाषा हर्ष संतोष
संतोष