(जीवन प्रकाश शर्मा)
नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के खेड़ली स्टेशन के पास 13 अक्टूबर को हुई ट्रेन दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पटरी बदलने के काम के दौरान रेलवे ट्रैक से असुरक्षित दूरी पर रखी गई पटरी का एक टुकड़ा ईदगाह-बांदीकुई मेमू ट्रेन के पहिये से टकरा गया था।
जांच रिपोर्ट में इस लापरवाही के लिए इंजीनियरिंग विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार घटना 13 अक्टूबर को उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल के एक कार्यस्थल पर हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस ट्रैक पर ट्रेन चल रही थी, उसके दोनों ओर 260 मीटर लंबे रेल पटरी के टुकड़े रखे हुए थे।
छह रेल अधिकारियों द्वारा की गई संयुक्त जांच में पता चला कि रेल पटरी बदलने के दौरान सुरक्षा के कई बुनियादी उपाय नहीं किए गए थे।
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रेन के डिब्बों के एक तरफ निचले हिस्से पर निशान मिले हैं, जिससे पता चलता है कि डिब्बे रेल पटरी के एक टुकड़े से टकराए थे और टक्कर के कारण ट्रेन पटरी से उतर गई।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय उस हिस्से में रेलवे पटरी बदलने की तैयारी की जा रही थी।
रेल मंत्रालय की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों के बीच किए गए एक आंतरिक संचार में भी इस लापरवाही की पुष्टि की गई है।
संचार में कहा गया कि पटरी बदलने के काम के लिए निर्धारित कार्यस्थल पर रेल पटरी के एक टुकड़े को ट्रैक से उचित दूरी पर नहीं रखा गया था।
संचार में कहा गया है, “उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में पटरी बदलने के काम के दौरान एमईएमयू ट्रेन के पटरी से उतरने की गंभीर घटना हुई। वहां रेल पटरी का एक टुकड़ा उचित दूरी पर नहीं रखा गया था। इसके कारण ट्रेन का पहिया उससे टकरा गया और ट्रेन पटरी से उतर गई।”
मंत्रालय ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों को कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली लापरवाही रोकने की जरूरत पर जोर दिया है।
उत्तर प्रदेश के आगरा और राजस्थान के बांदीकुई के बीच चलने वाली मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (एमईएमयू) ट्रेन का एक पहिया मंगलवार सुबह खेड़ली स्टेशन के पास पटरी से उतर गया था।
इस घटना में कोई यात्री या रेल कर्मचारी हताहत नहीं हुआ था। हालांकि, ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण इस मार्ग पर कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए और उनके समय में बदलाव करना पड़ा।
भाषा जोहेब रंजन
रंजन