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रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा

मुंबई, 14 अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल एवं दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 21 अक्टूबर को खुलेगा। इसके देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ होने की उम्मीद है।

कंपनी की तरफ से बुधवार को दाखिल अंतिम विवरण पुस्तिका के मुताबिक, यह निर्गम 21 अक्टूबर को बिक्री के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। बड़े संस्थागत निवेशक (एंकर निवेशक) 19 अक्टूबर को शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे।

कंपनी इस निर्गम के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य के 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करेगी। इस वजह से आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि कंपनी को मिलेगी, मौजूदा शेयरधारकों को नहीं।

कंपनी ने अभी शेयरों का मूल्य दायरा घोषित नहीं किया है। हालांकि, ऐसी खबरें हैं कि जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिये करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।

कंपनी के शेयर के 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे हैं। 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर रखने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार इस श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं।

आईपीओ को लेकर जून में दाखिल मसौदा विवरण पुस्तिका के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का परिचालन राजस्व 14.6 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 1,28,218 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ भी 15.1 प्रतिशत बढ़कर 30,049 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 26,109 करोड़ रुपये था।

जनवरी-मार्च, 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या 52.4 करोड़ से अधिक थी और प्रति ग्राहक औसत मासिक राजस्व (एआरपीयू) 214 रुपये था।

कंपनी का कुल कर्ज सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत घटकर 70,781 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, नियोजित पूंजी पर प्रतिफल घटकर 10.76 प्रतिशत रह गया।

मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल महत्वपूर्ण अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कुछ कर्जों के पूर्व-भुगतान और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

मसौदा दस्तावेज में प्रवर्तक समूह रिलायंस पर कंपनी की अधिक निर्भरता का भी उल्लेख किया गया था। रिलायंस रिटेल जियो की प्रीपेड सेवाओं की एकमात्र वितरक है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसके जरिये मिलने वाला प्रीपेड राजस्व जियो प्लेटफॉर्म्स के कुल परिचालन राजस्व का 77.08 प्रतिशत था।

आईपीओ से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 17.7 प्रतिशत है।

इस निर्गम के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बोफा सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन समेत 19 प्रमुख प्रबंधक नियुक्त किए गए हैं। केफिन टेक्नोलॉजीज निर्गम की पंजीयक है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय