शिमला, 14 अक्टूबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोगों की सुविधा और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक इकाइयों के गठन, विलय और विभाजन सहित उनके पुनर्गठन के लिए एक आयोग का गठन किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी आयोग के अध्यक्ष होंगे। अधिवक्ता विशाल पंवार और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश शर्मा इसके सदस्य होंगे, जबकि हिमाचल प्रदेश के भूमि अभिलेख निदेशक इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
इसके अलावा, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और विशेषज्ञ सलाह के लिए आवश्यकता पड़ने पर राजस्व, वित्त, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, वन, लोक निर्माण, जल शक्ति और सामान्य प्रशासन विभागों के प्रशासनिक सचिवों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आयोग हिमाचल प्रदेश में जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उपतहसीलों, विकास खंडों और विभिन्न विभागों के अन्य प्रभागों की मौजूदा प्रशासनिक संरचना की समीक्षा करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आयोग जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंच की सुविधा, प्रशासनिक दक्षता और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक इकाइयों के गठन, विलय, विभाजन या पुनर्गठन की आवश्यकता का आकलन करेगा।’’
प्रवक्ता ने कहा कि आयोग अपनी सिफारिशें देने से पहले संबंधित पक्षों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से परामर्श करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आयोग नयी प्रशासनिक इकाइयां स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की जरूरतों सहित वित्तीय प्रभावों का भी आकलन करेगा। इसके अलावा वह राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना संसाधनों के बेहतर उपयोग और मौजूदा कार्यालयों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के उपाय सुझाएगा।’’
प्रवक्ता ने बताया कि आयोग का मुख्यालय शिमला में होगा।
भाषा सुरभि सुरेश
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