नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) हिंदू कॉलेज कर्मचारी संघ (एचसीएसए) ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच प्राचार्य और शासी निकाय के अध्यक्ष को हटाने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने तथा दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से मामले में तत्काल दखल देने की बुधवार को मांग की।
एचसीएसए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उसके सदस्य दो हफ्ते से ज्यादा समय से धरना दे रहे हैं और उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है।
एचसीएसए ने विश्वविद्यालय के दाखिला नियमों के उल्लंघन, शिक्षकों की छुट्टी और पदोन्नति से जुड़े मामलों में देरी, वैधानिक कर्मचारी परिषद की अनदेखी तथा वित्तीय एवं खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए।
उसने कॉलेज के संसाधनों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल, शासी निकाय की बैठकों का विवरण और ऑडिट किए गए खातों की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने, शुल्क और छात्रवृत्ति के प्रबंधन, नियुक्तियों और कार्यकाल तथा बार-बार आग लगने की घटनाओं और संरचनात्मक समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई।
एचसीएसए ने शासी निकाय के अध्यक्ष को हटाने की मांग करते हुए कहा कि दाखिले, वित्तीय मामलों, खरीद, निर्माण, नियुक्तियों और प्रशासन में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
उसने प्राचार्य के कथित कदाचार को लेकर चिंता जताने पर एचसीएसए के अध्यक्ष, सचिव और एक वरिष्ठ शिक्षक को जारी ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ तत्काल और बिना किसी शर्त के वापस लेने की मांग भी की।
भाषा पारुल सुरेश
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