ईटानगर, 14 अक्टूबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे और असम के बिस्वनाथ तथा लखीमपुर जिलों के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों राज्यों के बीच ईटानगर में क्षेत्रीय समिति की दूसरी बैठक हुई। एक आधिकारिक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि बैठक में अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व शहरी मामलों के मंत्री बालो राजा ने किया। इसमें दोईमुख के विधायक नबाम विवेक और पापुम पारे के उपायुक्त मामू हागे भी शामिल थे। जबकि असम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजस्व मंत्री केशव महंता ने किया और इसमें शिक्षा मंत्री रानोज पेगू और सांसद रंजीत दत्ता शामिल थे।
बैठक के दौरान संबंधित उपायुक्तों ने नौ जनवरी 2023 को आयोजित पहले सत्र के बाद से हुई प्रगति और संयुक्त फील्ड निरीक्षणों का विवरण पेश किया।
अधिकारियों ने कहा कि समाधान को आसान बनाने के लिए विवादित सीमावर्ती गांवों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी में नौ विवादित गांव, दूसरी श्रेणी में मामूली स्थानीय विवादों वाले 22 गांव और तीसरी श्रेणी में दो ऐसे गांव शामिल हैं, जहां विवाद जटिल होने के कारण अब तक सहमति नहीं बन पाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए दोनों राज्य सरकारें तय कट-ऑफ तारीखों के अनुसार यथास्थिति बनाए रखने, अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई रोकने तथा दोनों पक्षों के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की उचित प्रक्रिया शुरू करने पर सहमत हुईं।
अधिकारियों ने बताया कि समिति ने पहली श्रेणी के गांवों में तुरंत सीमा स्तंभ लगाने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि दूसरी श्रेणी के गांवों से जुड़े विवादों का समाधान जिला प्रशासन के स्तर पर किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन से कहा गया है कि वे दो महीने के भीतर औपचारिक रूप से सीमांकन शुरू करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद लें।
उन्होंने बताया कि तीसरी श्रेणी के दोनों विवादित गांवों के लिए स्थानीय विधायकों, जिलाधिकारियों और निवासियों के साथ बातचीत करके दिसंबर 2026 के आखिर में होने वाली क्षेत्रीय समिति की अगली बैठक से पहले एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
भाषा पारुल पवनेश
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