Breaking News

3 दिवसीय भारत दौरे पर पोलैंड के प्रधानमंत्री, आज पीएम मोदी से होगी मुलाकात     |   फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी     |   43 साल पुराने गैंगरेप केस में इलाहाबाद HC का फैसला, सबूतों के अभाव में 3 आरोपियों को किया बरी     |   मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, एयरपोर्ट कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार     |   सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल, कई फ्लाइट्स डायवर्ट     |  

दिल्ली एसीपी के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणियों को लेकर महिला पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में जंतर-मंतर के पास एक प्रदर्शन के दौरान जातिसूचक टिप्पणी, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मानहानि के आरोप में अपने एक अधिकारी की शिकायत पर एक स्वतंत्र पत्रकार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह प्राथमिकी नयी दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस उप-मंडल में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत की शिकायत के आधार पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को उसके लोक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 356(2) (मानहानि) और 3(5) (सामान्य मंशा) के तहत दर्ज की गई है।

इससे पहले, स्वतंत्र पत्रकार ने एसीपी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे और उनकी शिकायत की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।

प्राथमिकी के अनुसार, भगत तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था की ड्यूटी कर रहे थे, जब उन्होंने बूटा सिंह गोलचक्कर के पास पत्रकार को सार्वजनिक रूप से उनकी मेघ/मेघवाल जाति के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करते और एसीपी के रूप में उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते सुना।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने टिप्पणियों को नजरअंदाज कर दिया और अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करना जारी रखा।

हालांकि, अपराह्न लगभग तीन बजे, पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों को संभालने और हिरासत में लेने के दौरान उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और अपने सहयोगियों के साथ उनसे बार-बार उलझी, जिससे उनके आधिकारिक काम में बाधा उत्पन्न हुई।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि स्वतंत्र पत्रकार और अन्य लोगों ने उसी शाम संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और एसीपी के खिलाफ नारेबाजी की।

भगत ने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कुछ सदस्यों ने 'एक्स' और इंस्टाग्राम पर इसी तरह के आरोपों वाले पोस्ट और ‘रील’ साझा किए। इनमें अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह शामिल हैं।

एसीपी ने दावा किया कि जाति से जुड़ी टिप्पणियों, सार्वजनिक आरोपों और सोशल मीडिया पोस्ट से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उन्हें मानसिक तनाव हुआ।

प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार की अलग शिकायत अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दी गई थी और उसकी जांच जारी है।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश