कोलकाता, 14 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाले अपने पोस्टर पर आपत्तिजनक शब्द लिखकर उसे विकृत किए जाने के एक दिन बाद बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया।
संगठन ने इसके लिए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि वामपंथी छात्र संगठन ने इस आरोप से इनकार किया है।
पिछले कुछ वर्षों से चुनाव नहीं होने के कारण प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की छात्र परिषद पर एसएफआई का नियंत्रण है।
एबीवीपी के पदाधिकारी स्वाधीन हलदर ने कहा कि संगठन के करीब 200 सदस्यों ने विश्वविद्यालय के कॉलेज स्ट्रीट परिसर के सामने प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में ‘‘आजादी’’ की मांग वाले नारे लगाए जा रहे हैं और स्वामी विवेकानंद जैसे आध्यात्मिक नेताओं की तस्वीरों का अपमान किया जा रहा है।
हलदर ने कहा, “स्वामी विवेकानंद की तस्वीर फाड़ दी गई और उस पर अपमानजनक शब्द लिखे गए। इस अपवित्र कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
एसएफआई की केंद्रीय कार्यकारिणी के एक सदस्य ने पोस्टर को खराब करने की कथित घटना में संगठन की भूमिका से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि वामपंथी छात्र संगठन स्वामी विवेकानंद का बहुत सम्मान करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में अपनी पकड़ बनाने के लिए एबीवीपी ने खुद ही इस अपमानजनक घटना को अंजाम दिया।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश