जयपुर, 14 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को एनएसयूआई नेता रितु बराला और अन्य महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने की निंदा की।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। रितु बराला राजस्थान की रहने वाली हैं।
घटना के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिलाओं के सम्मान को लेकर दिए गए बयानों पर सवाल उठाए।
डोटासरा ने पूछा, “क्या यही प्रधानमंत्री मोदी का ‘नारी वंदन और नारी सम्मान’ है? देश की बेटियों के साथ इस तरह की क्रूरता और दुर्व्यवहार क्यों किया जा रहा है?”
उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली पुलिस ने बेटियों पर इस तरह की कार्रवाई किसके आदेश पर की। उन्होंने पूछा कि क्या गृह मंत्री अमित शाह इसकी जिम्मेदारी लेंगे और क्या दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डोटासरा ने रितु बराला और अन्य महिला प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वे बी.आर. आंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए निडर होकर संघर्ष कर रही हैं।
वहीं, गहलोत ने बराला को कांग्रेस की “शेरनी” बताते हुए कहा कि उन्हें डराया नहीं जा सकता।
गहलोत ने आरोप लगाया कि मंगलवार को दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान बराला को हिरासत में लिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने बस के अंदर बराला के साथ मारपीट की और बाद में उन्हें थाने ले जाकर पैरों पर डंडों से मारा गया।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली पुलिस को याद रखना चाहिए कि हम इस बर्बरता को नहीं भूलेंगे।”
गहलोत ने कथित पुलिस ज्यादती के बाद एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कार्यकर्ता रितु बराला, अथिरा, धर्मेंद्र कुमार, समर्थ, अर्जुन तथा रमित वर्मा से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हौसला भी बढ़ाया।
कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मंगलवार को दिल्ली में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया था। संगठन ने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
इसके बाद संगठन ने कनॉट प्लेस थाने के बाहर धरना देने का आह्वान किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी महिला सदस्यों के साथ मारपीट की।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर एक महिला पुलिसकर्मी को हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को बस में चढ़ाते समय एक महिला कार्यकर्ता को बालों से खींचते हुए देखा जा सकता है।
भाषा बाकोलिया प्रशांत
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