मेरठ (उप्र), 14 अक्टूबर (भाषा) मेरठ के 'नीला ड्रम' कांड के नाम से चर्चित हुए सौरभ हत्याकांड में दोषी करार दी गयी उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को एक स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनायी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के.के. चौबे ने बताया कि जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई के बाद दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनायी गयी।
फैसले के समय सौरभ की मां रेनू, मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत पहुंचे थे।
चौबे ने बताया कि गत 30 सितंबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में दोषी करार दिये गये साहिल और मुस्कान जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत के समक्ष पेश हुए, जिसके बाद सजा पर बहस और दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए सुनवाई हुई।
उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान और साहिल को अलग-अलग पेश किया गया और दोनों ने अपना पक्ष रखा।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सुनवाई संक्षिप्त रही। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों से विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े सवाल भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने सवालों का विस्तृत ब्योरा साझा करने से इनकार किया।
फैसले के समय सौरभ की मां रेनू, मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत पहुंचे थे।
सजा सुनाए जाने से पहले रेनू ने संवाददाताओं से कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद उनके परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया। उन्होंने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाये जाने की उम्मीद जताते हुए मामले में साथ देने वाले प्रशासन और अन्य लोगों का आभार जताया।
मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की तबीयत अदालत का फैसला सुनाये जाने से दो दिन पहले से ही खासी बेचैनी भरी रही।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक शर्मा ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल परेशान तथा बेचैन नजर आ रहे थे और दोनों ने मंगलवार की रात और बुधवार सुबह बहुत कम खाना खाया और पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।
उल्लेखनीय है कि तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे और पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए और करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था।
भाषा सं. सलीम संतोष
संतोष