तिरुवनंतपुरम, 14 अक्टूबर (भाषा) केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बुधवार को कहा कि समय बीत जाने से अपराध खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने यह टिप्पणी दो दशक पहले एक सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शुरू की गई सतर्कता जांच के संदर्भ में की, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव पद पर थे।
चेन्निथला ने जांच के संबंध में कांग्रेस विधायक एकेएम अशरफ की ओर से राज्य विधानसभा में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर कई आरोप लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि सतर्कता विभाग ने 2006 से 2012 के बीच इन आरोपों की जांच की थी, लेकिन बाद में उसने यह कहते हुए तफ्तीश बंद कर दी कि कोई मामला नहीं बनता है।
मंत्री ने कहा कि आरोपों में ठेका लेने वाली कंपनी के साथ अनुमानित राशि से अधिक के समझौतों को मंजूरी देना शामिल है, जिससे सरकार को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास पर निर्धारित राशि से लगभग दोगुना रकम खर्च किए जाने के भी आरोप हैं।
चेन्निथला ने कहा कि काम करने वाली कंपनियों के साथ समझौता करने से पहले ही उन्हें काम शुरू करने के लिए अग्रिम राशि देने, बिलों को मंजूरी देने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की मांग करने और ठेका लेने वाली कंपनी के बिलों की जांच किए बिना उन्हें मंजूरी देने के आरोप भी लगे हैं।
उन्होंने कहा कि उस समय सतर्कता विभाग इन आरोपों को साबित नहीं कर सका था, इसलिए उसने जांच बंद करने की रिपोर्ट सौंप दी थी।
चेन्निथला ने कहा, “हालांकि, करीब 20 साल बीत जाने से अपराध या भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो जाता। चाहे 20 साल हों या 30 साल, अपराध कभी खत्म नहीं होता। मुझे इन आरोपों के संबंध में एक शिकायत मिली थी, जिसे मैंने सतर्कता विभाग को भेज दिया। विभाग इसकी जांच कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने नागरिकों के मन में आशंकाएं पैदा की हैं, क्योंकि मतदाता सूचियों से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और सीईसी के खिलाफ पूरे भारत में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं।
भाषा पारुल रंजन
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