वाशिंगटन, 14 अक्टूबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार सुबह कहा कि ‘‘हमारे नए और सुंदर ग्रीनलैंड’’ में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिज अन्वेषण शुरू होने वाला है।
यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी पोस्ट में किस खनन या घटनाक्रम का जिक्र कर रहे थे। ग्रीनलैंड वैसे भी अमेरिका का हिस्सा होने के बजाय डेनमार्क का एक स्वशासित क्षेत्र है।
ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर यह पोस्ट अलास्का के वासिला में मंगलवार को आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम के बाद की, जहां वह रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर डैन सुलिवन के लिए प्रचार कर रहे थे। सुलिवन डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व अमेरिकी कांग्रेस सदस्य मैरी पेल्टोला के खिलाफ होने वाले मध्यावधि चुनावों में तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
ऊर्जा की बढ़ती कीमतें ट्रंप के ईरान युद्ध का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। ये मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले अमेरिका के कामकाजी वर्ग के लिए गंभीर और लगातार वित्तीय कठिनाइयां पैदा कर रही हैं।
बुधवार को ट्रंप की टिप्पणियों का उद्देश्य संभवतः मतदाताओं के मतदान करने जाने से पहले उनकी चिंताओं पर ध्यान देना था।
लेकिन ट्रंप के आशावादी रुख रखने के बावजूद, ग्रीनलैंड की कठोर जलवायु, प्रमुख बुनियादी ढांचे की कमी और कठिन भू-विज्ञान के कारण ग्रीनलैंड में संसाधनों की खोज और उत्खनन दशकों से कंपनियों के लिए एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
तथाकथित दुर्लभ पृथ्वी खनिजों, साथ ही तेल और गैस को निकालने के पिछले प्रयास कभी भी शुरुआती खोज चरण से आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
अर्कटिक द्वीप के बारे में ट्रंप की ये टिप्पणियां डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के साथ सुरक्षा मजबूत करने के एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने से भी कम समय बाद आई हैं। यह समझौता आर्कटिक और उत्तर अटलांटिक में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया गया था, जो इस अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र पर नियंत्रण की अमेरिकी राष्ट्रपति की बार-बार की मांगों को लेकर नाटो सहयोगियों के साथ महीनों चले तनाव के बाद हुआ।
यह अमेरिका को कोई विशेष अन्वेषण अधिकार प्रदान नहीं करता है, लेकिन रणनीतिक क्षेत्रों में गैर-नाटो देशों द्वारा किए जाने वाले निवेश पर कुछ सीमाएं जरूर लगाता है।
ट्रंप ने 2019 से ही ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने की अपनी इच्छा व्यक्त की है और अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने नाटो सहयोगी डेनमार्क से इस क्षेत्र को छीनने की धमकियां दी थीं।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के प्रतिनिधियों ने बुधवार को तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एपी वैभव रंजन
रंजन