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मिजोरम में 2028 का चुनाव भी अकेले लड़ सकती है जेडपीएम : मुख्यमंत्री लालदुहोमा

(त्रिदीप लहकर)

आइजोल, 14 अक्टूबर (भाषा) मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने मिजोरम की अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण पेश करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य ने 2047 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक प्रतिशत योगदान देने का लक्ष्य रखा है।

लालदुहोमा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि उनकी पार्टी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के 2028 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) या ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल हुए बिना अकेले चुनाव लड़ने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिजोरम में म्यांमा, बांग्लादेश और मणिपुर से विस्थापित होकर आए करीब 40,000 लोग रह रहे हैं। उन्होंने इन लोगों की मौजूदगी को राज्य पर एक ‘‘बोझ’’ बताया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार होने पर ये लोग अपने मूल स्थानों पर लौट जाएंगे।

लालदुहोमा ने कहा, ‘‘जैसा कि हम सभी जानते हैं, देश 2047 में स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तब तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हमें भी साथ-साथ मिजोरम को बदलना होगा और हमारा दृष्टिकोण बेहद महत्वाकांक्षी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य उस समय तक देश की जीडीपी में एक प्रतिशत योगदान देना है। यह एक लंबी यात्रा होने वाली है। इसमें अभी 20 साल और लगेंगे।’’

वित्त वर्ष 2026-27 में मिजोरम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढ़कर 43,817.09 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 4,290.67 करोड़ रुपये या 10.85 प्रतिशत अधिक है।

लालदुहोमा ने कहा कि यह दृष्टिकोण भावी पीढ़ियों, विशेषकर ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले जेडपीएम के राजनीतिक गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर लालदुहोमा ने कहा कि यह फैसला उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और पार्टी नेतृत्व इस पर निर्णय लेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल, हम अपने दम पर खड़े हैं। हम राष्ट्रीय दृष्टिकोण वाली एक पारंपरिक पार्टी हैं और केंद्र सरकार को पूरा सहयोग देते हैं। साथ ही, हम केंद्र से भी इसी तरह के सहयोग की उम्मीद करते हैं। हम केंद्र के साथ अच्छे संबंध बनाए हुए हैं।’’

अगले विधानसभा चुनाव के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘अगले चुनाव में भी हमारे अकेले लड़ने की संभावना है।’’

म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और नागरिक समाज के संगठन इसका विरोध करते हैं, क्योंकि वे सीमा के पार रहने वाले लोगों को समान जातीय समुदाय का हिस्सा मानते हैं।

लालदुहोमा ने कहा, ‘‘अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति के कारण ही हम तीन देशों -भारत, बांग्लादेश और म्यांमा- में बंट गए। इसलिए हर मिजो के मन में यह उम्मीद है कि एक दिन तीन अलग-अलग देशों में बंटे सभी मिजो एकजुट होंगे। हम एक साझा प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एकजुट होंगे। यह मेरी परिकल्पना में भी शामिल है।’’

असम के साथ सीमा विवाद पर लालदुहोमा ने कहा कि दोनों राज्य सरकारें विवादित क्षेत्रों में यथास्थिति बनाए रखने और उकसावे वाली कार्रवाई से बचने पर सहमत हुई हैं।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश