कोलंबो, 14 अक्टूबर (भाषा) श्रीलंका की एक अदालत ने बुधवार को अधिकारियों को पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। यह मामला श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो के धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।
फोर्ट मजिस्ट्रेट अदालत ने 2014 में सार्वजनिक धन के कथित गबन के मामले में अदालत में दलीलें पेश किए जाने के बाद 71 वर्षीय राजपक्षे की गिरफ्तारी के लिए अंग्रेजी और सिंहली भाषाओं में वारंट जारी करने को कहा।
पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और गोटबाया राजपक्षे के छोटे भाई बासिल राजपक्षे के खिलाफ ये आदेश, जारी जांच के संबंध में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से अदालत में दलीलें पेश किए जाने के बाद दिए गए।
आरोप हैं कि 2014 में श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो को आवंटित 78 लाख श्रीलंकाई रुपये का दुरुपयोग किया गया और इस राशि को ब्यूरो की प्रचार गतिविधियों पर खर्च करने के बजाय उवा प्रांतीय परिषद चुनाव के लिए 12,000 टी-शर्ट उपलब्ध कराने में इस्तेमाल किया गया।
राजपक्षे परिवार को सरकार में रहते हुए कथित अवैध लेनदेन के मामलों में फिलहाल कई अदालती मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।
राजपक्षे वंश के उत्तराधिकारी नमल राजपक्षे चार सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद कई सुनवाइयों में अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
नमल की मां शिरंती राजपक्षे को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था और वह 16 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।
2019 से 2022 तक राष्ट्रपति रहे गोटबाया राजपक्षे ने 2019 के ईस्टर संडे हमलों की जांच के सिलसिले में अपनी गिरफ्तारी रोकने के लिए अदालत में याचिका दायर की है।
नमल के चचेरे भाइयों शशिंद्र और शमिंद्र राजपक्षे को अन्य आरोपों के संबंध में मुकदमों का सामना करना पड़ा है, जबकि उनके पिता और संसद के पूर्व अध्यक्ष चमल राजपक्षे से भी कथित भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में पूछताछ की गई थी।
भाषा तान्या मनीषा
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