कोलकाता, 14 अक्टूबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुरक्षा बढ़ाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका के सिलसिले में उन्हें एक पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
मोइत्रा के वकील ने इससे पहले दावा किया था कि नियम के मुताबिक उनके साथ एक निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) तैनात नहीं है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मोइत्रा को दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद एक हफ्ते के अंदर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की।
अदालत ने मोइत्रा के वकील अर्को कुमार नाग को याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रतिवादी बनाने की भी अनुमति दे दी।
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने कहा कि मोइत्रा संसद सदस्य होने के नाते 'एक्स श्रेणी’ की सुरक्षा की हकदार हैं और प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें एक पीएसओ उपलब्ध कराया गया है।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि कृष्णानगर की सांसद को यह साबित करना होगा कि उन्हें अधिक सुरक्षा की जरूरत क्यों है।
मजूमदार और मोइत्रा के वकील, दोनों ने दलील दी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस याचिका में पक्षकार बनाया जाना चाहिए।
मोइत्रा की एक अलग याचिका पर पूर्व में दिये गए आदेश में, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जब भी वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करें, तो उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जाएं। यह आदेश उन आरोपों को ध्यान में रखते हुए दिया गया था कि ऐसे दौरों के दौरान उन पर अंडे फेंके गए थे और उन्हें परेशान किया गया था।
मोइत्रा के वकील ने दावा किया कि लोकसभा सदस्य के लिए तैनात पीएसओ नियमों के अनुसार उनके साथ नहीं गया था।
भाषा सुभाष सुरेश
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