लखनऊ,14 अक्टूबर (भाषा ) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को युवाओं से राजनीति, शासन और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यह सोच गलत है कि राजनीति में अच्छे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। कोविंद ने कहा कि अच्छे शासन के लिए अच्छे लोगों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को नई ऊर्जा दी है।
उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति मिली है। पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक अवसर है।
कोविंद उत्तर प्रदेश में जन्मे, यहीं की मिट्टी में पले-बढ़े और शिक्षा प्राप्त की। उत्तर प्रदेश ही उनकी कर्मभूमि भी बना।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति के लिए भाजपा को चुनने का प्रमुख कारण पार्टी में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में जातिवाद, क्षेत्रवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर समावेशी विकास पर बल दिया जाता है जिसके चलते साधारण शिक्षक के पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री और कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने।
उन्होंने कहा कि इसी तरह गरीब परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और चाय बेचने वाले नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
समाज के कमजोर वर्ग से आने वाला व्यक्ति भी राष्ट्रपति बन सकता है, यही भारतीय गणतंत्र की सच्ची विजयगाथा है।
कोविंद ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनसे उनको राजनीति को सत्ता प्राप्त करने के बजाय राष्ट्रसेवा का माध्यम मानने की प्रेरणा मिली।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि कानपुर देहात के छोटे से गांव में स्थित उनका घर बेहद साधारण था जिसकी छत बरसात में टपकती थी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने पर वे स्मृतियां फिर ताजा हो गई थीं। तब उन्होंने कहा था कि देश के किसी गांव में आज भी कोई छोटा-सा रामनाथ टपकती छत के नीचे खड़ा होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा।
उन्होंने कहा कि आज मोदी और योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्के मकान के साथ गरिमा और सुरक्षा का एहसास कराया है।
उन्होंने कहा कि उनके पिता शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम मानते थे। कोविंद ने बताया कि उनके परिवार के पास विरासत में करीब 10-12 बीघा कृषि भूमि मिली थी, लेकिन उनके पिता ने उसे पांच बेटों में बांटने के बजाय दूसरों को दे दिया।
कोविंद ने कहा कि उनके पिता का मानना था कि गरीबी के दुष्चक्र से निकालने के लिए बेटों का शिक्षित होना जरूरी है।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए, लेकिन यहां जन्मे किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति बनने का अवसर पहली बार मिला।
इसे वह अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान मानते हैं।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की शक्ति दिखाई।
उन्होंने बताया कि उनकी आत्मकथा आने वाले दिनों में देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी।
भाषा जफर मनीषा संतोष
संतोष