(अदिति खन्ना)
लंदन, 14 अक्टूबर (भाषा) ब्रिटेन में रह रहे प्रवासी भारतीयों का एक समूह नयी दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर एकत्र हुआ और प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
‘साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप’, ‘कैम्ब्रिज साउथ एशियन फोरम अगेंस्ट हिंदुत्व’, ‘इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन’ और ‘एसओएएस आंबेडकर सोसाइटी’ जैसे कई समूहों ने मिलकर मंगलवार शाम विरोध प्रदर्शन किया।
इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और उन्होंने भारत में मताधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रति अपना समर्थन जताया।
लंदन में यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की मांगों को जोरदार ढंग से उठाने के लिए किया गया। इन मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और भारत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करना शामिल है।
‘साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप’ की मुक्ति शाह ने कहा, ‘‘यह मामला सिर्फ एक भ्रष्ट अधिकारी का नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर हो रहा जनआंदोलन है।”
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन में हमारे लिए यह बात इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है कि यह सरकार वैश्विक धुर दक्षिणपंथ में एक अहम भूमिका निभाती है, जो इस देश में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं।’’
छात्र समूहों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया और सदस्यों से भारत में प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिनपर सीईसी के खिलाफ नारे लिखे थे। उन्होंने ‘‘प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता और यौन हिंसा’’ की निंदा की।
लंदन में हुआ यह प्रदर्शन एकजुटता प्रदर्शित करने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) ब्रिटेन ने भी इस हफ़्ते कार्डिफ, लीड्स और एडिनबर्ग में प्रदर्शन किए हैं।
एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर कॉजपा, कई छात्र समूहों और विपक्षी पार्टियों ने चुनाव सुधारों और सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए हाल में नयी दिल्ली में प्रदर्शन किये हैं।
भाषा सुभाष शफीक
शफीक