त्रिशूर (केरलम), 14 अक्टूबर (भाषा) केरल बाल अधिकार आयोग ने त्रिशूर में एक नाबालिग लड़के की आत्महत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है, जिसके पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस के उत्पीड़न के कारण उनके बेटे ने यह कदम उठाया।
केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि लड़के के पिता नौशाद ने आरोप लगाया है कि कोडुंगल्लूर पुलिस ने उनके बेटे को प्रेम संबंध के झूठे मामले में फंसाया और उसे शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
नौशाद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि उनके बड़े बेटे ने अपराध स्वीकार कर लिया, क्योंकि वह अपने छोटे भाई को पुलिस द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाते हुए नहीं देख सकता था।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके बड़े बेटे को अदालत में पेश करने से पहले करीब तीन दिनों तक हिरासत में रखा, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
आयोग ने बताया कि मीडिया की खबरों के अनुसार, कोडुंगल्लूर के एरियाड निवासी नाबालिग की आत्महत्या से मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई से मिलने गया था, जो जेल में बंद था। यह मुलाकात नाबालिग के एक अवलोकन गृह से रिहा होने के बाद हुई थी।
आयोग ने कहा कि उसने मीडिया की खबरों के आधार पर मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और त्रिशूर के जिला पुलिस प्रमुख तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
भाषा
राखी मनीषा
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