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प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ‘भारत की आवाज’ के खिलाफ खड़े हुए : राहुल गांधी

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि दोनों नेता ‘‘भारत की आवाज’’ के खिलाफ खड़े हैं।

राहुल गांधी कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मीडिया से मुखातिब हुए, जिन्हें दिल्ली में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के कारण चोट आई है।

गांधी ने इन छात्रों की ओर इशारा करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘जैसा कि मैंने अपनी प्रेस वार्ता में कहा था, अपने चारों ओर देखिए। यह भारत है। अमित शाह जी, इसे ध्यान से देखिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यहां कोई हिंदू, कोई मुसलमान, कोई जाति, कोई महिला या कुछ और नहीं है। यहां सिर्फ एक आवाज, एक विरोध है और वह भारत की आवाज है।’’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप इस आवाज के खिलाफ खड़े हैं। प्रधानमंत्री भी इस आवाज के खिलाफ खड़े हैं। मेरी आपको सलाह है कि इसके खिलाफ खड़े न हों। इस आवाज के खिलाफ कोई खड़ा नहीं हो सकता।’’

गांधी ने इस दौरान केरल की निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा आथिरा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘केरल की आथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है। उसके कान पर चोट मारी गई थी और अब वह उस कान से सुन नहीं सकती।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था जिसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। अब आथिरा एक कान से सुन नहीं सकती।’’

आथिरा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया तो जिस बस में उन्हें ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।

छात्रा के मुताबिक, उसने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि महिला पुलिस अधिकारी या महिला कांस्टेबल कहां हैं क्योंकि हिरासत में लेने की स्थिति में कम से कम एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी जरूरी है।

अथिरा ने आरोप लगाया कि इसके बाद बस चली और कनॉट प्लेस पुलिस थाने के सामने रुकी, जहां उसके चेहरे पर मारा गया।

उसने कहा, ‘‘इसकी वजह से मेरी आंख में चोट लगी है और कान को भी नुकसान पहुंचा है।’’

गांधी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनसे ‘‘प्यार और दिल से’’ एक बात कहना चाहते हैं कि उन्होंने सभी छात्रों से घटनाओं के वीडियो बनाने और साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं हर छात्र से वीडियो बनाने और हमें भी साक्ष्य भेजने को कह रहा हूं। जब यह पूरा मामला खत्म होगा तो हम सभी साक्ष्यों का इस्तेमाल करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जो जवाबदेह हैं, उन्हें दंडित किया जाए।’’

भाषा हक हक मनीषा वैभव

वैभव