नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महिला मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर से बुधवार को मुलाकात कर कांग्रेस के नेता एवं सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।
अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से बर्खास्त कर दिया गया था। वह मणिपुर की ‘इनर मणिपुर’ लोकसभा सीट से सांसद हैं।
भाजपा ने बताया कि पार्टी के महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल दोपहर को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के कार्यालय जाकर रहाटकर को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा।
इससे एक दिन पहले भाजपा की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अकोइजम को लोकसभा से निलंबित करने के लिए उनसे हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में महिला सांसदों ने अकोइजम के खिलाफ संबंधित प्राधिकारियों की ‘‘त्वरित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई’’ सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया था।
प्रतिनिधिमंडल ने संसद की ‘‘नैतिक मर्यादा और गरिमा’’ बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए जांच पूरी होने तक अकोइजम को संसदीय कार्यवाही से ‘‘तत्काल निलंबित’’ किए जाने का भी अनुरोध किया था।
अकोइजम जेएनयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर थे। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद नौ अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
खबरों के अनुसार, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि अकोइजम ने मुलाकात के बहाने छात्राओं को विश्वविद्यालय परिसर स्थित अपने घर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह कक्षा में अश्लील और अनुचित बातें करते थे।
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर रविवार को अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा