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छत्तीसगढ़: सीआरपीएफ के उप निरीक्षक ने गोली मारकर आत्महत्या की

सुकमा, 14 अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक उप निरीक्षक ने अपने शिविर में खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात सुकमा से सटे बीजापुर जिले के वन क्षेत्र में स्थित मेटागुडा शिविर में हुई।

उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ की 131वीं बटालियन में तैनात उप निरीक्षक देवानंद यादव ने अज्ञात कारणों से अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली।

गोली चलने की आवाज सुनकर शिविर में मौजूद अन्य जवानों और अधिकारियों ने उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस से उन्हें सुकमा जिले में चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एल्मागंडा शिविर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के करजहा गांव के निवासी थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को यादव का शव उनके पैतृक गांव भेज दिया गया।

माओवाद विरोधी अभियानों के लिए दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सीआरपीएफ की बड़ी संख्या में तैनाती है। इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को माओवादी खतरे से मुक्त घोषित किया गया था।

पुलिस के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में राज्य में पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं, शराब की लत तथा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों सहित विभिन्न कारणों से पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 200 जवानों ने आत्महत्या की है।

इससे पहले, 30 सितंबर को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक आरक्षक ने बीजापुर जिले में अपने शिविर में सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, 14 सितंबर को कांकेर जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 41 वर्षीय प्रधान आरक्षक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

आठ जून को कोंडागांव जिले में भी सीएएफ के एक आरक्षक ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

बस्तर क्षेत्र में सात जिले हैं, जिनमें बीजापुर, सुकमा, कांकेर और कोंडागांव भी शामिल हैं।

भाषा सं संजीव मनीषा

मनीषा