नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने को लेकर बुधवार को कहा कि यह स्थान भारत की जनता का है और इसे प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल किया जाएगा।
गांधी ने ‘एक्स’ पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रमुख अभिजीत दीपके के एक बयान से संबंधित ‘पीटीआई’ की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है और ऐसा करने पर युवाओं को जेल भेजना ‘‘कायरतापूर्ण कदम’’ है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) भले ही अलग-अलग बैनर के तहत अपनी आवाज उठा रहे हों, लेकिन उनका मकसद एक ही है।
उनका कहना है, ‘‘अलग-अलग बैनर, एक ही मकसद। सभी का विरोध एक है, नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।’’
गांधी ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर भारत की जनता का है। हम इसे प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करेंगे।’’
दीपके ने कहा है कि कॉजपा के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी जंतर-मंतर पर तिरंगा लहाराने के लिए की गई और क्या राष्ट्रीय ध्वज लहाराना अपराध है ?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित कर दिया है।
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