नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में एहतियातन गिरफ्तार किया गया है और उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जा सकता है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तड़के तीनों को उस समय हिरासत में लिया गया था जब वे कथित तौर पर अवरोधक पार कर जंतर-मंतर क्षेत्र में घुस गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। जंतर-मंतर को हाल में प्रदर्शनों के लिए अधिसूचित स्थलों की सूची से हटा दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने तीनों के खिलाफ जबरन प्रवेश करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करने और लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है।
सूत्रों के अनुसार, तीनों को बुधवार सुबह विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले सप्ताह हुए एक अन्य प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद रांका और दास ने एक वर्ष तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर हस्ताक्षर किए थे।
दूसरी ओर, कॉजपा के विधि प्रकोष्ठ की प्रमुख रत्ना सिंह ने दावा किया कि तीनों नेताओं को गिरफ्तार कर संसद मार्ग थाने ले जाया गया है।
सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि तीनों को तड़के तीन बजे एक निजी वाहन से थाने लाया गया और देर रात तक उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 24 घंटे की समयसीमा जल्द समाप्त होने वाली है।’’
सिंह ने आशंका जताई कि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद तीनों नेताओं को तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन गैरकानूनी कार्रवाइयों के बावजूद उनका मनोबल ऊंचा है।’’
यह घटनाक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉजपा और अन्य संगठनों के लगातार जारी प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बाद सामने आया है।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल घोषित किया था। इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटा दिया गया।
कॉजपा ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनों को राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक केंद्र से दूर ले जाने से लोगों के विरोध की आवाज कमजोर होगी।
भाषा खारी सिम्मी
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