शिलांग, 13 अक्टूबर (भाषा) मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने मंगलवार को कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय के मामले पर अभी विचार किया जा रहा है और वह उनकी स्थिति पर फैसला लेने से पहले कानूनी राय का इंतजार कर रहे हैं।
विधायकों से मुलाकात के बाद संगमा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने विधायकों को समझाया है कि इस मामले की और जांच करने की जरूरत है तथा फैसला लेने में कुछ समय लगेगा।
आठों विधायक 23 सितंबर को नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए थे और दो दिन बाद विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर पार्टी में विलय के अपने फैसले की जानकारी दी थी।
यूडीपी और भाजपा, दोनों ही नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन के घटक दल हैं।
संगमा ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि वे भाजपा के विधायक हैं, क्योंकि विलय के मामले पर अभी विचार किया जा रहा है। मैं इसकी जांच कर रहा हूं और कानूनी राय का इंतजार कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा कि इस मामले पर फैसला लेने से पहले वह अलग-अलग स्रोतों से कानूनी राय ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत सावधानी बरतनी होगी। मुझे इसकी उचित तरीके से जांच करनी होगी, ताकि मैं स्पष्ट फैसला ले सकूं।’’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यूडीपी ने भी आठों विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए याचिका दी है, लेकिन उसमें कुछ कमियां थीं।
उन्होंने बताया कि पार्टी को कमियां दूर कर याचिका दोबारा जमा करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था। इसकी समयसीमा बुधवार को समाप्त हो रही है।
संगमा ने कहा, ‘‘कुछ कमियां थीं और याचिका में बातें स्पष्ट नहीं थीं। मैंने उनसे इसकी समीक्षा कर दोबारा जमा करने को कहा है।’’
विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है, जबकि यूडीपी के विधायकों की संख्या 12 से घटकर चार रह गई है।
भाषा रवि कांत प्रशांत
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