नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) बिम्सटेक देशों ने मंगलवार को दिल्ली घोषणापत्र को मंजूरी दे दी और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा तथा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘‘सीमा-पार से होने वाले आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण और कट्टरपंथ’’ से निपटने पर जोर दिया।
सरकार के एक बयान के अनुसार, बिम्सटेक समूह ने ‘‘आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक चरमपंथ’’ की भी कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा-पार से होने वाले आतंकवाद भी शामिल हैं, चाहे इसे कहीं भी, किसी के भी द्वारा और किसी भी मकसद से अंजाम दिया गया हो।
बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) ने दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक चरमपंथ को रोकने, उनसे निपटने और उन्हें खत्म करने के संकल्प को दोहराया गया। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध उपायों (जिसमें 1267 प्रतिबंध समिति के उपाय भी शामिल हैं) को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया गया।
समूह ने “जटिल और बदलती सुरक्षा चुनौतियों” को स्वीकार किया और सदस्य देशों से सहयोग और साझा ज़िम्मेदारी की भावना के साथ उचित प्रतिक्रिया करने का आह्वान किया।
बयान के अनुसार, यहां बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में मंजूर किये गए घोषणापत्र में सुरक्षा सहयोग के लिए दिशानिर्देश संबंधी सिद्धांतों को रेखांकित किया गया है। इसमें जानकारी साझा करने, पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण, क्षमता निर्माण और मौजूदा समझौतों व कार्य योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी गई है।
घोषणापत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में भारत की भूमिका की सराहना की गई और ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल किये जाने वाले मानव तस्करी पीड़ितों की सुरक्षा पर जोर दिया गया।
बयान में कहा गया है, ‘‘बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक में अंगीकार किये गए दिल्ली घोषणापत्र में, सदस्य देशों ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणापत्र में, सीमा-पार से होने वाले आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध से निपटने पर जोर दिया गया।’’
इसमें कहा गया है कि सदस्य देशों के मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने, सीमा-पार से होने वाले अपराधों से निपटने और आपदा से निपटने की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए कई समझौतों और कार्य योजनाओं पर सहमत हुए।
बिम्सटेक समूह ने मानव तस्करी के खिलाफ समझौते, मादक पदार्थ पर कार्य योजना और धन शोधन व आतंकी वित्तपोषण से निपटने के लिए क्षमता निर्माण पर एक समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी।
बिम्सटेक एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमा, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
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