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न्यायालय एलन मस्क के डीओजीई से जुड़े रिकॉर्ड मांगने वाली निगरानी संस्था की याचिका पर सुनवाई करेगा

वाशिंगटन, 13 अक्टूबर (एपी) उच्चतम न्यायालय ने अरबपति एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) से जुड़े सार्वजनिक रिकॉर्ड की मांग करने वाले एक निगरानी संस्था के मुकदमे में दलीलें सुनने पर मंगलवार को सहमति जताई।

न्यायालय ‘सिटिजन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स (सीआरईडब्ल्यू) इन वॉशिंगटन’ के मामले में दूसरी बार दखल दे रहा है। यह मामला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में डीओजीई के कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच की मांग करता है। ट्रंप प्रशासन ने अदालत से मामले की सुनवाई के लिये कहा था।

पिछले साल, उच्च न्यायालय ने जिला अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सरकार को सीआरईडब्ल्यू के सामने डीओजीई से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा गया था। जून 2025 में उच्च न्यायालय के कंजर्वेटिव बहुमत ने यह निष्कर्ष निकाला कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश क्रिस्टोफर कूपर ने उस समूह को दस्तावेज सौंपने का आदेश देते समय बहुत व्यापक फैसला सुनाया था।

सीआरईडब्ल्यू का दावा है कि डीओजीई एक संघीय एजेंसी है और इसलिए इस पर ‘फ्रीडम ऑफ इन्फ़ॉर्मेशन एक्ट’ (एफओआईए) लागू होता है।

ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि राष्ट्रपति की सलाहकार संस्था होने के नाते डीओजीई को एफओआईए की शर्तों से छूट मिली हुई है।

कूपर ने सीआरईडब्ल्यू के पक्ष में फ़ैसला सुनाया और समूह के दस्तावेजों के अनुरोधों पर तेजी से कार्रवाई करने का आदेश दिया। अपीलीय अदालत के एक पैनल ने भी सीआरईडब्ल्यू का साथ दिया।

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि पैनल ने शक्तियों के बंटवारे से जुड़ी चिंताओं पर विचार करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश को नजरअंदाज किया और राष्ट्रपति के सलाहकारों की “स्वायत्तता और गोपनीयता” में दखल दिया।

एपी प्रशांत दिलीप

दिलीप