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केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल व ललन सिंह ने सीईसी के खिलाफ राहुल के प्रदर्शन को ‘बचकानी हरकत’ बताया

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल और राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ उनके प्रदर्शन की निंदा की और इसे ‘बचकानी हरकत’ करार दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता से आत्ममंथन करने और देश में अराजकता फैलाना बंद करने को कहा।

भाजपा मुख्यालय में जनता दल यूनाइटेड (जद यू) नेता सिंह के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप को ‘बेबुनियाद’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने निर्वाचन आयोग को जनता और देश के हित में काम करने के लिए ‘पूरी स्वायत्तता’ दी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता गोयल ने कहा कि राजग सरकार ने कभी भी किसी निर्वाचन आयुक्त को ‘राजनीतिक लाभ’ देने की कोशिश नहीं की। इसके साथ गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कैबिनेट में जगह देकर और दो अन्य को राज्यपाल बनाकर ‘पुरस्कृत’ किया था।

गोयल ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सड़क पर किए गए प्रदर्शनों (जिसमें सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक निकाला गया मार्च भी शामिल है) का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, ‘‘पिछले कुछ दिनों से हम राहुल गांधी का आचरण देख रहे हैं। उनके काम करने के तरीके में दोहरा मानदंड है और वह अपनी बचकानी हरकतों से संविधान के हर पहलू को तहस-नहस कर रहे हैं।’’

भाजपा नेता ने सवाल किया, ‘‘अगर राहुल गांधी के पास ‘वोट चोरी’ के सबूत हैं, तो उन्होंने उन्हें निर्वाचन आयोग या अदालत को क्यों नहीं सौंपा?’’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि विपक्षी पार्टी को समझना चाहिए कि ‘वोट चोरी’ के बेबुनियाद आरोप के आधार पर देश में अराजकता पैदा करने की उसकी कोशिशों से ‘‘देश, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं’’ को नुकसान पहुंच रहा है।

जद (यू) के वरिष्ठ नेता सिंह ने कहा, ‘‘राहुल जी, थोड़ा आत्ममंथन और ध्यान कीजिए। अगर ईश्वर की कृपा से थोड़ी सद्बुद्धि आए, तो कुछ सकारात्मक काम कीजिए। ऐसी नकारात्मक राजनीति और नाटक से लोकतंत्र नहीं चल सकता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अराजकता फैलाना विपक्ष की भूमिका नहीं है। अराजकता न फैलाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को अपना काम करने दें। उन्हें बदनाम करने या उन पर दबाव बनाने की कोशिश न करें।’’

सिंह ने गांधी से यह भी पूछा कि जब वे ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले थे, तब उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ का कोई सबूत उन्हें क्यों नहीं दिया।

ललन सिंह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी अपनी दादी की राह पर चल रहे हैं, जिन्होंने सत्ता में अपनी कुर्सी बचाने के लिए संविधान को ध्वस्त कर दिया था।’’ उनकी यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से 1975 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा आपातकाल लगाए जाने के संदर्भ में थी।

सिंह ने आरोप लगाया कि इसी तरह राहुल गांधी भी सत्ता हासिल करने के लिए देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं।

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और नागरिक समाज ने मंगलवार को देश में ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने’ के लिए एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। राहुल गांधी ने कहा कि राजनीतिक दलों और जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और अंततः जीत हासिल करेगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष की प्रतिबद्धता है कि ‘वोट चोरी’ में शामिल लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लिया।

भाषा

संतोष अविनाश

अविनाश