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हमें कोई जानकारी नहीं , कम से कम हमें बताना तो चाहिये था : कहा हॉकी खिलाड़ियों ने

(मोना पार्थसारथी)

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) भारत के सीनियर हॉकी खिलाड़ियों ने हैरानी जताई है कि एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान उनके अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा से पहले हॉकी इंडिया ने उनसे बात करना भी जरूरी नहीं समझा जबकि वे एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद ओलंपिक समेत भावी टूर्नामेंटों की तैयारी के लिये उत्साहित थे ।

हॉकी इंडिया के सूत्रों ने पीटीआई को बताया था कि मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा 27 अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच पंजाब में होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान भारत के लिये अपना आखिरी मैच खेलेंगे ।

इस खबर से स्तब्ध एक खिलाड़ी ने भाषा से कहा ,‘‘ हमें तो खुद मीडिया से पता चला है और इतनी बड़ी घोषणा करने से पहले कम से कम हमें बताना तो चाहिये था । देश के लिये पदक जीतने के बाद इतना सम्मान तो मिलना ही चाहिये ।’’

वहीं एक अन्य खिलाड़ी ने कहा कि अभी तो वे एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद सम्मान समारोह की तैयारी कर रहे थे और अचानक इस खबर ने सारे उत्साह पर पानी फेर दिया ।

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं तो खाना खाने बैठा था और अचानक ढेरों फोन आने शुरू हो गए कि मैने संन्यास का फैसला कर लिया है । मैं भी हैरान था कि ऐसा तो मैने कभी कहा नहीं और हॉकी इंडिया से भी यही बात हुई थी कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारी करनी है । फिर अचानक यह कैसे । अभी तो शुरूआत ही हुई थी और बहुत संघर्ष के बाद मैं यहां तक पहुंचा था ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ अगर प्रदर्शन में कोई खराबी होती तो भी मैं मान लेता कि यह सही फैसला है लेकिन ऐसा भी नहीं है । मेरे माता पिता पूछ रहे हैं कि अचानक फोन पर बात करके मैं उदास क्यो हो गया लेकिन मैं उन्हें क्या बताऊं ।’’

ऐसी अटकलें काफी समय से चल रही थी कि हॉकी इंडिया ओलंपिक 2028 से पहले पुरूष टीम में बदलाव करके नये चेहरों को मौका देना चाहता है । सवाल इस पर भी है कि किन खिलाड़ियों को संन्यास लेना है, यह फैसला किसने किया और इसके मानदंड क्या थे क्योंकि ऐसे और भी सीनियर्स हैं जिनका प्रदर्शन विश्व कप और एशियाई खेलों में औसत रहा है ।

एक खिलाड़ी ने यह भी कहा ,‘‘ सभी के कैरियर का एक दिन समापन होना है लेकिन इस तरह से कोई खिलाड़ी नहीं चाहता । ओलंपिक पदक और एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद कम से कम यह हक तो हमें देना चाहिये कि हम खुद लोगों को बतायें कि हम खेल से विदाई ले रहे हैं । इस तरह घोषणा करना तो अपमानजनक है ।’’

एक खिलाड़ी ने कहा कि उसने एशियाई खेलों के दौरान इस बारे में बात की थी कि अब वह जल्दी ही खेल से विदा लेगा लेकिन यह नहीं सोचा था कि स्वर्ण जीतने के बाद इस तरह से उसकी जानकारी के बिना यह खबर सामने आयेगी ।

उसने कहा ,‘‘ मैं तो सोच ही रहा था कि खुद ओलंपिक से पहले खेल से विदा ले लूंगा लेकिन कम से कम मुझे पता तो होना चाहिये था । चयन हमारे हाथ में नहीं है । हम बस अच्छे प्रदर्शन का प्रयास कर सकते हैं लेकिन सम्मान के साथ विदा लेना हर खिलाड़ी का अधिकार है जिसने देश के लिये पदक जीते हों ।’’

भाषा

मोना सुधीर

सुधीर