ईटानगर, 13 अक्टूबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को सियांग घाटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम करने और क्षेत्र में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की पनबिजली परियोजना के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के प्रस्तावों पर सैद्धांतिक सहमति जताई। आंदोलनकारियों की ये दो प्रमुख मांगें थीं।
आदि बाने केबांग यूथ विंग और आदि स्टूडेंट्स यूनियन के साथ बैठक के बाद खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सरकार संवाद और आपसी समझ के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें दोनों संगठनों की ओर से घाटी में तैनात सुरक्षा बलों की संख्या कम करने और प्राथमिकी वापस लेने के अनुरोध मिले हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘संवाद को सुगम बनाने के लिए विश्वास बहाली के उपायों के तौर पर मैं इन प्रस्तावों पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हूं।’’
सियांग क्षेत्र के स्थानीय लोग पनबिजली परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस परियोजना से उनके विस्थापन, पारिस्थितिक नुकसान और उनके पारंपरिक जीवनशैली पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में इतनी बड़ी परियोजना के निर्माण से जुड़े खतरों को लेकर भी लोग आशंकित हैं।
भाषा प्रचेता सुरेश
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