जालंधर, 13 अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर घुमन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि एजेंसी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की तैनाती से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर यह कार्रवाई की है।
यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा सोमवार को सीबीआई को इस मामले में कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिए जाने के बाद सामने आया है। अदालत ने, हालांकि प्राथमिकी पर रोक लगाने या जांच रोकने से इनकार कर दिया था।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि एजेंसी जल्द ही नए सिरे से छापेमारी कर सकती है, आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है और उनकी संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
सीबीआई ने पिछले सप्ताह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोपों की जांच के लिए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। आरोपियों ने आर्थिक लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती को प्रभावित किया।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने पहले बयान में कहा था, ‘‘सीबीआई ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दो लोक सेवक, बिचौलिये और सहयोगी शामिल हैं। इनके नाम राजबीर घुमन, पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमि राजा महाजन, बीर देविंदर और आर. एस. नागरा हैं। इसके अलावा अज्ञात लोक सेवकों और अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।’’
बयान के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश और ईडी से मिली रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें घुमन और उनके सहयोगियों पर आर्थिक लाभ के बदले अधिकारियों की तैनाती में हेरफेर करने, विभागीय कार्यवाही, नीति निर्माण, प्रशासनिक मंजूरियों, निविदा शर्तों, लाइसेंस संबंधी मामलों, भूमि उपयोग में बदलाव, संपत्ति विवाद तथा राजस्व एवं भूमि से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा था कि आरोप है कि संबंधित लोक सेवकों ने सरकार द्वारा आदेशों और नीतियों को जारी किए जाने से पहले उनके मसौदे कथित तौर पर हासिल कर निजी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे।
ईडी ने इससे पहले मई में घुमन के कथित सहयोगियों के परिसरों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई एजेंसी द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद की गई थी।
यह मामला रियल एस्टेट परियोजना ‘सनटेक सिटी’ के प्रवर्तकों के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा नवंबर 2022 में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित था।
भाषा
राखी सुरेश
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