(फाइल फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने एक सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की सतर्कता विभाग से जांच के अपने फैसले का बचाव करते हुए मंगलवार को कहा कि ‘‘अपराध कभी नहीं छिपता’’। उस समय ज्ञानेश कुमार राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव थे, जो अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) हैं।
मंत्री ने केरल राज्य परिवहन परियोजना (केएसटीपी) में कथित भ्रष्टाचार की जांच का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना 2006 में शुरू की गई थी, जब कुमार लोक निर्माण विभाग के सचिव थे।
केएसटीपी ने 2006 में विश्व बैंक की मदद से 215 करोड़ रुपये की एक परियोजना शुरू की थी, जिसमें अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड का पुनर्निर्माण किया जाना था।
मलेशियाई कंपनी और भगीरथ इंजीनियरिंग के संयुक्त उद्यम ‘पाटी-बेल’ को यह परियोजना सौंपी गई थी।
इसका काम एक मलेशियाई कंपनी ने किया था। उसके परियोजना अभियंता ली सी बीन ने कथित तौर पर निर्माण कार्य के दौरान कई शिकायतें की थीं। इसके बाद वह मलेशिया लौट गए, जहां उन्होंने आत्महत्या कर ली।
चेन्निथला ने कहा कि भले ही कथित अनियमितताएं 20 साल पुरानी हों, लेकिन ‘‘अपराध कभी नहीं छिपता’’।
उन्होंने नयी दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘‘सतर्कता विभाग व्यापक जांच कर रहा है और जल्द इसका निष्कर्ष सामने आ जाएगा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार ने मतदाता सूची से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने सहित कई गलत काम किए हैं, इसलिए उनका इस्तीफा जरूरी है।
कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए चेन्निथला नयी दिल्ली में हैं। उन्होंने इन आंदोलनों को ‘‘दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन’’ बताया।
उन्होंने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन जरूरी थे, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने उन लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज किया, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर चुप रहे।
चेन्निथला ने कहा, ‘‘इन सबके पीछे सीईसी ही हैं और इसलिए उनका इस्तीफा जरूरी है।’’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर वी डी सतीशन के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए चेन्निथला ने कहा कि शर्मा को ‘‘पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए’’।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले वह इस्तीफा दें, फिर हम देखेंगे।’’
भाषा सुरभि सुरेश
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