नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अचानक किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर अपने संगठन की महिला सदस्यों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया और कनॉट प्लेस थाने के बाहर धरने का आह्वान किया।
संगठन ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें कनॉट प्लेस थाने लाया गया, जिनमें से कुछ को अब तक रिहा नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर एक महिला पुलिस अधिकारी को एनएसयूआई की एक महिला सदस्य के बाल खींचते हुए उसे बस में ले जाती दिखाई दे रही है। उस बस के जरिये प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद दूसरी जगह ले जाया जा रहा था।
एनएसयूआई ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में अपने सदस्यों के साथ कथित व्यवहार की निंदा करते हुए कहा, ‘‘क्या आपको जरा भी शर्म नहीं आती? अपने अधिकारों और लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे छात्रों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार!’’
संगठन ने कहा, ‘‘लाठियों और दमन से आवाजों को दबाया जा सकता है, लेकिन हौसले को नहीं।’’
इससे पहले, कांग्रेस की छात्र इकाई ने कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर सात पर अचानक प्रदर्शन किया और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कुमार के इस्तीफे की मांग की।
एनएसयूआई के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने किया, जिन्हें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में ले लिया गया, हालांकि बाद में छोड़ दिया गया।
जंतर-मंतर के निकट स्थित कनॉट प्लेस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए।
भाषा हक हक संतोष
संतोष