नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका कुछ अन्य लोगों के साथ मंगलवार को भारी बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा को भेदते हुए जंतर-मंतर पहुंच गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया जिसका मतलब है कि अब इस स्थान पर धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए कहा, 'आप प्रतिरोध की आवाज को दबा नहीं सकते।'
संगठन ने अपनी कार्रवाई को जंतर-मंतर पर फिर से अपना अधिकार स्थापित करने और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की बहाली के लिए प्रयास बताया।
कॉजपा ने एक बयान में कहा, 'किला बने जंतर मंतर पर पुनः अधिकार कर लिया गया है।'
इसमें कहा गया कि इसके सदस्यों ने भारी बैरिकेड वाली जगह में प्रवेश किया और वहां 'तिरंगा फहराया'।
कॉजपा ने जंतर मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से बाहर करने की निंदा की। इस संगठन ने नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जंतर मंतर पर 36 दिन तक धरना दिया था जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इससे पहले, दीपके, दास और रांका को शनिवार को एक उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर संगठन द्वारा आहूत प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत की थी। हालांकि उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वे एक साल तक 'शांति भंग नहीं करेंगे'।
हालांकि, कॉजपा नेताओं ने सीईसी के इस्तीफा देने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा था, 'निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन शांति में खलल नहीं डाल रहा है।'
कॉजपा के अनुसार, रांका, दास और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि दास, रांका और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया।
दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा, 'तिरंगा के साथ कॉकरोच आज तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले जंतर-मंतर में दाखिल हो गए।'
दीपके ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें कॉजपा सदस्यों को भारी बैरिकेड वाले जंतर-मंतर की ओर भागते हुए और फिर एक गेट से कूदते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाए तथा सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की। हालांकि पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया।
दीपके ने कहा, 'अगर सरकार का मानना है कि जंतर मंतर को निर्धारित विरोध स्थलों की सूची से हटाने से जवाबदेही की मांग करने वाले लोग चुप हो जाएंगे, तो उसने गलत समझा है। जंतर मंतर केवल मानचित्र पर एक स्थान नहीं है। यह वह जगह है जहां नागरिक सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने के लिए एकत्र हुए हैं, और कोई भी प्रशासनिक आदेश उस लोकतांत्रिक भावना को मिटा नहीं सकता है।”
उन्होंने बाद में, एक पोस्ट में कहा कि कॉजपा नेता हिरासत में हैं और दावा किया कि उनके वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, 'पुलिस वकीलों को उनसे मिलने से कैसे रोक सकती है? यह अपहरण है क्योंकि पुलिस निश्चित रूप से कानून के शासन का पालन नहीं कर रही है।'
रांका ने कहा, 'जंतर-मंतर में प्रवेश कर लिया गया है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा जंतर-मंतर पर ही होगा। आप जो कर सकते हैं, करें।'
दास ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंच पर गृह मंत्रालय के प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हमारा जंतर मंतर छीनने वाला गृह मंत्रालय कौन होता है? यह निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल है, और हम जंतर मंतर से ही ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे।'
कॉजपा ने कहा कि जंतर मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से बाहर करने की घोषणा उसी दिन हुई, जब कॉजपा प्रतिनिधियों ने जंतर मंतर पर अपने प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय की मांग करते हुए संसद मार्ग थाने का रूखकर एक पत्र सौंपा।
रांका ने कहा, 'आप नागरिकों को विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए अधिकारियों से संपर्क करने और फिर अनुमति मांगते समय नियमों को बदलने की बात नहीं कह सकते।'
दास ने संविधान की एक प्रति भी दिखाई और कहा, 'संविधान हमारे साथ है।'
कॉजपा सदस्यों ने 'भारत माता की जय', 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'जय भीम' के नारे लगाए। उन्होंने क्रांतिकारी कविता 'सरफरोशी की तमन्ना' भी गाई और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए जंतर मंतर को निर्धारित स्थलों की सूची से हटा कर उसकी जगह तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं।
पुलिस के 11 अक्टूबर के आदेश के मुताबिक, इन तीन नए स्थानों में इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश