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हुंदै मोटर ग्रुप भारत में 2032 तक करेगा 15.5 अरब डॉलर का निवेश

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) दक्षिण कोरिया की दिग्गज वाहन विनिर्माता हुंदै मोटर ग्रुप ने मंगलवार को भारत में वर्ष 2032 तक 15.5 अरब डॉलर (करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की।

इसके साथ ही, समूह ने भारत को अपनी भविष्य की वृद्धि और उभरते बाजारों में विस्तार के लिए प्रमुख रणनीतिक बाजार बताया।

हुंदै मोटर ग्रुप ने एक बयान में कहा कि उसके कार्यकारी चेयरमैन ईसुन चुंग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भारत के वाहन उद्योग के भविष्य और दीर्घकालिक वृद्धि रणनीति पर चर्चा हुई।

समूह के अनुसार, भारत में सात साल में किया जाने वाला यह निवेश विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, शोध एवं विकास (आरएंडडी) के बुनियादी ढांचे के विस्तार, कलपुर्जों के स्थानीयकरण के लिए घरेलू आपूर्तिकर्ताओं को विकसित करने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

इस निवेश को व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए समूह भारत में एक समर्पित निवेश इकाई स्थापित करेगा। यह इकाई शोध एवं विकास, नई प्रौद्योगिकियों और वाहन उद्योग से जुड़े व्यापक तंत्र में निवेश का समन्वय करेगी। यह स्थानीय साझेदारों की पहचान करने और घरेलू आपूर्तिकर्ताओं के साथ रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने का काम भी करेगी।

चुंग ने बयान में कहा, ‘‘भारत वैश्विक स्तर पर हुंदै मोटर के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में से एक है। भारत में समूह की मौजूदगी के 30 साल पूरे होने के बाद यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे तक देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत के औद्योगिक विकास में योगदान मिलेगा।’’

समूह भारत में सक्रिय अपनी कंपनियों हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है। इससे घरेलू मांग को पूरा करने के साथ भारत को समूह के प्रमुख वैश्विक निर्यात केंद्रों में विकसित करने में मदद मिलेगी।

समूह शोध एवं विकास के बुनियादी ढांचे और स्थानीय प्रतिभाओं के विकास में भी निवेश करेगा। भारतीय शोध एवं विकास केंद्र में वाहन परीक्षण ट्रैक सहित करीब 70 करोड़ डॉलर का निवेश प्रस्तावित है।

इसके अलावा, समूह स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी के जरिये कलपुर्जों का स्थानीयकरण बढ़ाएगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा।

समूह के भारत में उसके 24,000 से अधिक कर्मचारी हैं। इस निवेश से विनिर्माण, शोध एवं विकास, इंजीनियरिंग और आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय