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मुंबई तट के पास ओएनजीसी के तेल प्रतिष्ठान में आग लगने से परिचालन ठप

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) के मुंबई तट के पास स्थित एक तेल प्रतिष्ठान में भीषण आग लगने के कारण उसका परिचालन बंद करना पड़ा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह एनक्यूजी प्रतिष्ठान के प्रोसेस गैस कंप्रेसर सी (पीजीसी-सी) में गैस कूलर का एक हिस्सा फटने के बाद आग लग गई। करीब एक घंटे तक आग बुझाने के प्रयासों के बाद उस पर काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

आग लगने के कारण प्रतिष्ठान का परिचालन बंद करना पड़ा। इस प्रतिष्ठान में समुद्र तल के नीचे स्थित कुंओं से निकाले गए कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता था। यहां प्रतिदिन 40,000 बैरल से अधिक कच्चे तेल का प्रसंस्करण होता था।

ओएनजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत आग लगने के बाद प्रतिष्ठान को बंद कर दिया गया था।

अधिकारी ने बताया कि देर शाम प्रतिष्ठान को दोबारा चालू कर दिया गया और तेल के कुंओं को एक-एक करके उससे जोड़ा जा रहा था। उन्होंने कहा कि परिचालन पूरी तरह सामान्य होने में कुछ घंटे लगेंगे।

सूत्रों ने बताया कि पास में स्थित एनक्यूओ प्रतिष्ठान के कर्मचारियों ने एक घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद उस पर काबू पा लिया गया।

एनक्यूजी प्रतिष्ठान अरब सागर में भारत के पश्चिमी तट से दूर मुंबई हाई तेल क्षेत्र में ओएनजीसी के समुद्र में स्थित परिचालन का हिस्सा है। इस प्रतिष्ठान पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का प्रसंस्करण किया जाता है, जिसके बाद उन्हें मुख्य भूमि तक पहुंचाया जाता है।

'मुंबई हाई' अरब सागर में भारत के पश्चिमी तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है। यह देश का सबसे बड़ा समुद्र में स्थित तेल क्षेत्र है और घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

इस तेल क्षेत्र को मुंबई हाई उत्तर (एमएचएन) और मुंबई हाई दक्षिण (एमएचएस) नामक दो हिस्सों में बांटा गया है।

ओएनजीसी के एक अधिकारी ने आग लगने की घटना की पुष्टि की, लेकिन कहा कि परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है।

एनक्यूओ प्रतिष्ठान में प्रतिदिन 40,000 बैरल से अधिक कच्चे तेल का प्रसंस्करण होता था। कच्चे तेल का इस्तेमाल पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने में किया जाता है। मौजूदा तेल कीमतों के हिसाब से, इस प्रतिष्ठान के बंद होने से ओएनजीसी को प्रतिदिन चार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष