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प्रधान न्यायाधीश को लिखा गया मेरा पत्र लंबित मामले में आवेदन के रूप में पंजीकृत हुआ: ब्रिटास

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा में नेता जॉन ब्रिटास ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन पर पुलिस के कथित हमले को लेकर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को लिखा गया उनका पत्र राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों पर पाबंदियों से जुड़े उच्चतम न्यायालय में लंबित मामले में अंतरिम आवेदन के रूप में पंजीकृत किया गया है।

ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि रविवार को भेजे गए उनके पत्र को अंतरिम आवेदन संख्या 319609/2026 के रूप में पंजीकृत किया गया।

उन्होंने पत्र को उचित पीठ के समक्ष रखकर न्यायिक हस्तक्षेप पर विचार करने का अनुरोध किया था।

शीर्ष अदालत की 12 अक्टूबर की कार्यालय रिपोर्ट में ब्रिटास के पत्र को माकपा महासचिव एम. ए. बेबी और अन्य की केंद्र के खिलाफ लंबित रिट याचिका में अंतरिम आवेदन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के समर्थन में प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों से संबंधित है।

ब्रिटास को 11 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने उन्हें करीब 50 मीटर तक घसीटा और पुलिस वाहन में मारपीट की। उन्होंने घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

भाषा हक हक संतोष

संतोष