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उप्र: अमेठी में दो असम्बद्ध और एक सपा विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल होंगे

अमेठी (उप्र), 13 अक्टूबर (भाषा) अमेठी जिले के गौरीगंज क्षेत्र में बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के दो असम्बद्ध सदस्य और एक समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। भाजपा के एक नेता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

भाजपा के जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने बताया कि उप्र विधानसभा के असम्बद्ध सदस्य यहां गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह और अयोध्या के गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह तथा जालौन जिले के कालपी क्षेत्र से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी बुधवार को भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

असम्बद्ध विधायक वह होता है जिसकी सदस्यता रद्द नहीं होती लेकिन वह सदन में किसी दल का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। हालांकि असंबद्ध घोषित करने पर उस विधायक की विधानसभा की सदस्यता समाप्त नहीं होती और वह विधायक बना रहता है।

विधायक राकेश प्रताप सिंह लंबे समय से गौरीगंज की राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार के तौर पर लगातार जीत दर्ज की। वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को 6,963 मतों के अंतर से हराया था।

पिछले वर्ष राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बाद राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह तथा सपा के बीच दूरी बढ़ गई थी। विधानसभा में अभी राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह को असम्बद्ध विधायकों की सूची में शामिल किया गया है। हालांकि विनोद चतुर्वेदी सपा के ही सदस्य के तौर पर विधानसभा की सूची में शामिल है। अभय सिंह पहली बार 2012 में और फिर 2022 में विधायक चुने गए। विनोद चतुर्वेदी पहली बार 2007 में और फिर 2022 में विधायक चुने गए।

सपा से मतभेदों के कारणों पर सवाल पूछे जाने पर राकेश प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘जहां प्रभु श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए जाएं, रामचरितमानस को जलाने और फाड़ने की घटनाएं हों तथा तुलसीदास की लेखनी पर प्रश्नचिह्न लगाए जाएं, वहां राजनीति करना संभव नहीं था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में राष्ट्र और समाज से जुड़े मुद्दों के बजाय जाति और परिवार को प्राथमिकता दी जाती है।

राकेश प्रताप सिंह ने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि करीब तीन साल पहले गौरीगंज में एक मंच से अपने संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि विधायक पद, टिकट या राजनीतिक भविष्य की परवाह किए बिना वह रामचरितमानस और सनातन धर्म के विरोध से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट रखेंगे।

उन्होंने सनातन और हिंदू धर्म को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया।

इस बीच, भाजपा जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि ईरानी ने गौरीगंज के मेदान मवाई में स्थित अपने घर का नाम ‘माधव भवन’ रखा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री 2019 में अमेठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पराजित कर लोकसभा के लिए चुनी गई थीं, लेकिन 2024 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के किशोरीलाल शर्मा ने पराजित कर दिया।

भाषा सं आनन्द सुरभि

सुरभि