मुंबई, 13 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर की वर्ष 2006 में हत्या मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पदमसिंह पाटिल और सात अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
मुंबई की एक सत्र अदालत ने 20 जून को आरोप साबित नहीं होने का हवाला देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया था।
सीबीआई ने अपनी अपील में कहा है कि सत्र अदालत का फैसला ‘कानून की दृष्टि से गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए’।
अपील पर इस सप्ताह न्यायमूर्ति एस वी कोतवाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ सुनवाई कर सकती है।
पिछले महीने पवनराजे की पत्नी और शिवसेना सांसद ओमराजे निंबालकर की मां आनंदीदेवी निंबालकर ने भी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। अदालत ने इस पर पाटिल और बरी किए गए अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था।
तीन जून 2006 को पवनराजे निंबालकर और उनके चालक समद काजी मुंबई से उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जा रहे थे, तभी नवी मुंबई के कलंबोली में दो लोगों ने उनकी कार को रोककर दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले की शुरुआती जांच नवी मुंबई पुलिस ने की थी, लेकिन निंबालकर की पत्नी ने जांच की प्रगति पर असंतोष जताया। इसके बाद बंबई उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
अब 85 वर्ष के हो चुके पाटिल को जून 2009 में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश