बोंगांव, 13 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के क्रियान्वयन को लेकर राज्य की पिछली वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस सरकारों की मंगलवार को कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से “देश को अंदर से खोखला करने की कोशिश कर रहे खटमलों और कॉकरोचों” से सावधान रहने का आग्रह किया।
उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन करते हुए शुभेंदु ने लोगों से धर्म, संस्कृति और परंपरा के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने का आग्रह किया और “कश्मीर की आजादी के नारे लगाने वाले दिमागी नक्सलियों” की कड़ी आलोचना की।
शुभेंदु ने कहा, “कई खटमल और कॉकरोच देश को अंदर से खोखला करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उनके प्रति सतर्क रहना चाहिए। ‘दिमागी नक्सली’ कश्मीर की आजादी के नारे लगा रहे हैं और हमें उनसे भी सावधान रहना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों को मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सीएए का विरोध करने और सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन देने में देरी के कारण बांग्लादेश से लगी राज्य की सीमा पर सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिशों में बाधा आई है।
शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सीएए को बांग्लादेश में उत्पीड़न का सामना कर रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को शरण देने के एक जरिये के तौर पर पेश किया।
शुभेंदु ने दावा किया कि 2025 में जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी, तब 12,000 पूजा समितियों को दुर्गा पूजा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि इन समितियों को इस साल अनुमति मिल गई है।
शुभेंदु ने कहा कि लोगों ने बहुत उम्मीदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता की बागडोर सौंपी है। उन्होंने कहा, “उन उम्मीदों को पूरा करना मेरी सरकार की मुख्य प्राथमिकता होगा।”
भाषा पारुल नरेश
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