लखनऊ, 13 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय में हाल में हुई नोकझोंक और झड़प की घटनाओं की जांच के लिए पार्टी ने पांच सदस्य समिति गठित की है, जिसे एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
घटना रविवार को हुई थी जब कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' कार्यभार संभालने पार्टी मुख्यालय पहुंची थीं।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में गठित की गई इस जांच समिति ने घटनाओं को समझने के लिए वीडियो एकत्र करना शुरू कर दिया है। समिति में पूर्व सांसद रवि वर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रदेश सचिव अभिषेक दत्त व अब्दुल हन्नान और वरिष्ठ नेता शमीना शफीक शामिल हैं।
खाबरी ने दिल्ली से फ़ोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, 'हमने वीडियो इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं। हम लोगों से उनके पास मौजूद कोई भी सबूत साझा करने के लिए कहेंगे।'
उन्होंने कहा, 'हम उन सभी लोगों से संपर्क करेंगे जो इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल थे या जिन्होंने इसे देखा था।'
घटना के वीडियो तेजी से वायरल हुए। ये वीडियो उस समय रिकॉर्ड किए गए थे, जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' को कार्यभार सौंपने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे।
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र गौतम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, 'जांच समिति के रिपोर्ट सौंपने के बाद निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है।'
रविवार को हुई झड़प की घटनाओं का सटीक क्रम स्पष्ट नहीं है। हालांकि, राय के समर्थकों ने दलित महिला ममता चौधरी पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
विवाद उस समय हुआ, जब राय मोना के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। मोना पार्टी के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। तिवारी खुद भी कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद थे और पार्टी के नए कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे थे।
भाषा मनीष आनन्द जोहेब
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