नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और गैर-कार्यकारी निदेशक उदय कोटक ने मंगलवार को कहा कि रुपये को अपना स्तर खुद तय करने देना चाहिए। समय के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक मजबूती मुद्रा में दिखाई देगी।
उन्होंने ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में कहा, ‘‘मेरी व्यक्तिगत राय है कि रुपये को अपना स्तर खुद तय करने देना चाहिए और समय के साथ अर्थव्यवस्था की वास्तविक मजबूती सामने आएगी।’’
हालांकि, कोटक ने कहा कि मौजूदा स्थिति भारत के लिए अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता और दक्षता बढ़ाने, आत्मनिर्भरता मजबूत करने तथा अनुसंधान एवं नवोन्मेष में अधिक निवेश करने का एक महत्वपूर्ण संकेत होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुद्रा का स्तर बाजार की शक्तियों को तय करने देना चाहिए और किसी खास स्तर को लेकर ऐसी अपेक्षाएं नहीं बनानी चाहिए।
कोटक ने कहा कि बाजार में सक्रिय व्यक्ति यह समझ सकता है कि वहां क्या प्रभावी होगा। नीतिगत निर्णय लेने वालों को बाजार में अटकलों के लिए किसी खास स्तर का संकेत देने से बचना चाहिए।
भारतीय रुपये पर हाल के दबाव का कारण चालू खाते के बजाय पोर्टफोलियो निवेशकों की पूंजी निकासी थी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये में गिरावट रोकने के लिए सप्ताहांत में कई उपायों की घोषणा की।
केंद्रीय बैंक ने पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू करने की घोषणा की, जिससे हाजिर बाजार में डॉलर की मांग कम होगी। इसके साथ ही, रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव (वायदा एवं विकल्प) कारोबार के नियम सख्त किए।
आरबीआई के इन उपायों के बाद मंगलवार को रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती आई। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे चढ़कर 95.38 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
भाषा रमण अजय
अजय योगेश
योगेश