(फोटो सहित)
हिंगोली (महाराष्ट्र), 13 अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को दावा किया कि जंतर-मंतर जाकर तिरंगा फहराने वाले पार्टी के तीन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है और यह कार्रवाई ‘‘अपहरण’’ के समान है।
दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए पार्टी के नेताओं से वकीलों को मिलने नहीं दे रही है।
भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बावजूद कॉजपा के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दीपके ने कहा कि अजिंक्य शिंदे समेत पार्टी के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है।
दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जंतर-मंतर जाकर तिरंगा फहराने वाले कॉजपा नेताओं को हिरासत में लेने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘सौरव (दास), आशु (रांका) और अजिंक्य (शिंदे) अब भी हिरासत में हैं और पुलिस वकीलों को उनसे मिलने नहीं दे रही है। पुलिस वकीलों को उनसे मिलने से कैसे रोक सकती है? यह अपहरण है, क्योंकि पुलिस निश्चित रूप से कानून के शासन का पालन नहीं कर रही है।’’
बाद में, हिंगोली में संवाददाताओं से बातचीत में दीपके ने सवाल किया कि देश में तिरंगा फहराना कब से अपराध हो गया?
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमारी टीम जंतर-मंतर गई और वहां तिरंगा फहराया। तिरंगा फहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया? जो लोग सोचते हैं कि जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना कानून का उल्लंघन है, वे गद्दार हैं।’’
उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दीपके ने कहा, ‘‘तिरंगा फहराने के लिए किसी को गिरफ्तार कैसे किया जा सकता है? यह कैसा नियम है? यह कैसा देश है? भारत में तिरंगा फहराना कब से अपराध हो गया? यह तानाशाही सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है।’’
कॉजपा नेता ने कहा कि उनकी टीम के सदस्य तिरंगा लिए हुए थे (जब उन्हें दिल्ली में हिरासत में लिया गया था) और अगर यह गैर-कानूनी है, तो वे (सत्ता में बैठे लोग) ‘‘बड़े देशद्रोही’’ हैं।
दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने के मामले में कॉजपा की कानूनी टीम अदालत का रुख करेगी।
उन्होंने दोहराया कि अगर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई तो देश भर में विरोध-प्रदर्शन के केंद्र बन जाएंगे।
कॉजपा नेता ने यह भी कहा कि वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे।
दीपके ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें दिल्ली जाते समय रोकती है, तो वह जहां भी हिरासत में लिए जाएंगे, वहीं से आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि कॉजपा का आंदोलन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तक जारी रहेगा।
दीपके महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में मीडिया से बात कर रहे थे। वह अपनी दिवंगत दादी सावित्रीबाई दीपके के अस्थि विसर्जन की रस्म में शामिल होने के लिए गांव आए हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा 11 अक्टूबर को जारी स्थायी आदेश में विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गये हैं जिनमें रामलीला मैदान (मध्य दिल्ली), बुराड़ी मैदान (उत्तरी दिल्ली) और सीबीडी मैदान (पूर्वी दिल्ली) शामिल हैं। जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया है।
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नरेन्द्र मोदी को आंदोलन से समस्या है, न कि प्रदर्शन स्थल से। उन्हें लोगों के विरोध प्रदर्शन करने के विचार से ही परेशानी है और ये तानाशाह के लक्षण हैं।’’
कॉजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर उन्हें लगता है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की निर्धारित सूची से हटाने पर आंदोलन रुक जाएगा, तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। जंतर-मंतर हर आंदोलनकारी की भावना का प्रतीक है।’’
इस सवाल पर कि वह कहां प्रदर्शन करेंगे, दीपके ने कहा, ‘‘पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा और दिल्ली जंतर-मंतर बन जाएगी।’’
भाषा आशीष नरेश
नरेश