बर्लिन, 13 अक्टूबर (एपी) जर्मनी में मंगलवार को एक उड़ान के दौरान आपात स्थिति की आशंका के कारण अधिकारियों ने एक हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया और यूनान से आ रहे एक यात्री विमान को सुरक्षा देने के लिए लड़ाकू विमान भेजे। ‘डीपीए’ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।
एजेंसी की खबर के अनुसार पुलिस ने दक्षिणी जर्मनी के नूर्नबर्ग हवाई अड्डे की घेराबंदी कर जांच शुरू की। इसके बाद यूनान के कोर्फू द्वीप से आ रहा वाणिज्यिक विमान सुरक्षित उतर गया और अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने की घोषणा की।
इस आपात स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इससे पहले मंगलवार को अधिकारियों ने हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन देखे जाने की आशंका जताई थी।
हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर छह उड़ानों में देरी हुई और दो आने वाली उड़ानों को अन्य हवाई अड्डे भेजा गया।
यूक्रेन-रूस युद्ध जारी रहने के बीच हाल के सप्ताह में ड्रोन से जुड़ी रहस्यमयी घटनाओं में बढ़ोतरी और रूस की कथित संदिग्ध गतिविधियों को लेकर यूरोप के विभिन्न देशों ने हवाई क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।
अगस्त में लीपजिग/हैल हवाई अड्डा पर विस्फोटक से लदे ड्रोन से हमले की कोशिश को लेकर जर्मनी की सरकार ने पिछले महीने रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करने समेत कई कदम उठाने की घोषणा की थी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बर्लिन के आरोपों को खारिज कर दिया था।
पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने रूस पर व्यापक स्तर पर तोड़फोड़ और गड़बड़ी फैलाने का अभियान चलाने का आरोप लगाया है, जिसका मकसद यूक्रेन के समर्थन को कमजोर करना और यूरोपीय देशों को अस्थिर करना है।
एपी सुरभि अविनाश
अविनाश