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जुबिन मौत मामले में आरोपी गायिका अमृतप्रभा जमानत पर रिहा

हाफलोंग/गुवाहाटी, 13 अक्टूबर (भाषा) सिंगापुर में गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत से जुड़े मामले में आरोपी गायिका अमृतप्रभा महंत को मंगलवार को असम के दिमा हसाओ जिले की जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया।

हाफलोंग उप-कारागार से बाहर आने पर अमृतप्रभा के परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर को अमृतप्रभा को 50,000 रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत दे दी थी।

न्यायमूर्ति प्रांजल दास ने जमानत अर्जी का निपटारा करते हुए कहा था कि अब तक पेश की गई सामग्री से अमृतप्रभा के खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया मामला भी नहीं बनता है और जांच में मिले सबूत आरोपपत्र के निष्कर्षों का समर्थन नहीं करते हैं।

अमृतप्रभा को जुबिन की मौत के मामले में पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें एक अन्य आरोपी शेखर ज्योति गोस्वामी के साथ हाफलोंग उप-कारागार में रखा गया था। मामले के बाकी आरोपी बाक्सा जेल में बंद हैं।

जुबिन की पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के चौथे संस्करण में शामिल होने के लिए सिंगापुर में थे।

अमृतप्रभा और शेखर ज्योति के अलावा एनईआईएफ के मुख्य आयोजक श्यामकानू महंत, गायक के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, उनके रिश्ते के भाई और अब निलंबित हो चुके असम पुलिस के डीएसपी संदीपन गर्ग और दो निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) नदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य भी इस मामले में आरोपी हैं।

न्यायमूर्ति दास ने जमानत आदेश में कहा कि आरोपपत्र में अमृतप्रभा को उन साजिशकर्ताओं में से एक बताया गया है, जिन्होंने जुबिन की हत्या की साजिश रची थी और उनकी (अमृतप्रभा) भूमिका गायक को शराब पिलाने की बताई गई है।

आदेश में कहा गया है कि ऐसा कोई बयान या दस्तावेज नहीं है, जिससे पता चले या संकेत मिले कि अमृतप्रभा ने जुबिन को शराब पिलाई थी या गायक के सिंगापुर दौरे, जहाज यात्रा की योजना और उन्हें बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में तैरने के लिए भेजने में आरोपी (अमृतप्रभा) की कोई भूमिका थी।

भाषा पारुल नरेश

नरेश