... सौमोज्योति एस चौधरी ...
नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) भारतीय पुरुष हॉकी टीम के चार अनुभवी खिलाड़ियों मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलकांत शर्मा के लिए आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) राष्ट्रीय टीम के लिए आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट के बाद इन खिलाड़ियों को भारतीय टीम से विदाई दी जा सकती है। हॉकी इंडिया के सूत्रों ने ‘पीटीआई’ को बताया कि वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए टीम में युवा खिलाड़ियों को शामिल करने और उन्हें तैयार करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से इन चार अनुभवी खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने पर विचार किया गया है। हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘हां, चयनकर्ताओं के बीच इस विषय पर कुछ समय से चर्चा चल रही है, क्योंकि हमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका देकर उन्हें तैयार करना है। इन चारों खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश की सेवा की है, लेकिन अब नये खिलाड़ियों को मौका देने का समय है। हम भारतीय हॉकी में उनके योगदान के लिए आभारी हैं।’’ स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने भारत के लिए 301 मुकाबले खेल हैं और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के आंकड़ों के अनुसार इस 31 साल के खिलाड़ी के नाम 128 गोल है। उनके नाम 11 हैट्रिक भी दर्ज हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित मनदीप भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे हैं। उनके खाते में दो ओलंपिक कांस्य पदक, एशियाई खेलों में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक सहित कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हैं। तीस वर्षीय डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए 171 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और आठ गोल किए हैं। वह भारतीय टीम की रक्षापंक्ति के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। जरमनप्रीत 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा वह 2022 और 2026 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीमों में भी शामिल रहे। उन्होंने 2018 चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी प्रतिनिधित्व किया था। अमित रोहिदास ने भारत के लिए 257 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 38 गोल किए हैं। पेनल्टी कॉर्नर के दौरान विपक्षी टीम के ड्रैग फ्लिक को रोकने के लिए भारतीय टीम के शुरुआती डिफेंडरों में इस 33 वर्षीय खिलाड़ी की अहम भूमिका रही है। रोहिदास ने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार दो कांस्य पदक जीते। वह 2018 चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली टीम और 2022 तथा 2026 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व किया था। नीलकांत शर्मा ने भारत के लिए 162 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और 19 गोल किए हैं। मणिपुर के रहने वाले इस 31 वर्षीय मिडफील्डर ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वह 2022 और 2026 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीमों में भी शामिल रहे। हॉकी इंडिया के सूत्रों के मुताबिक टीम में बदलाव की प्रक्रिया को सुचारु बनाने और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए मजबूत टीम तैयार करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। भाषा आनन्द सुधीरसुधीर