नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या सरकार अब अपने ‘‘यू-टर्न पर एक और यू-टर्न’’ लेने की जमीन तैयार कर रही है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि वित्त मंत्री ने छह अगस्त, 2026 को और उसके चार दिन बाद संसद में यूपीआई पर एमडीआर लगाने की किसी योजना से इनकार किया था।
रमेश ने कहा कि इसके बावजूद 15 सितंबर, 2026 को मोदी सरकार ने यूपीआई पर एमडीआर लगाने की घोषणा कर दी, जो उनके मुताबिक सरकार का ‘‘निश्चित यू-टर्न’’ था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यूपीआई पर एमडीआर को वापस लेने की व्यापक मांग होती रही है।
रमेश ने दावा किया कि अब घोषणा की गई है कि यूपीआई पर 15 अक्टूबर, 2026 से प्रस्तावित एमडीआर को दिवाली के बाद तक के लिए टाल दिया गया है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यू-टर्न पर यू-टर्न लेने की जमीन तैयार की जा रही है?’’
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने मंगलवार को यूपीआई उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत दी। निगम ने 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने का फैसला टाल दिया है। इसे लागू करने की नई तारीख दिवाली के बाद तय की जाएगी।
एनपीसीआई की पिछले महीने जारी अधिसूचना के अनुसार, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के व्यक्ति से व्यापारियों (पी2एम) को होने वाले यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाना था।
भाषा हक दिलीप सुरेश
सुरेश