चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के मानसा जिले में मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर मालिक ने मादक पदार्थों की तस्करी का खुलासा करने वाले एक कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि कार्यकर्ता दवा की दुकानों पर मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाता था।
उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई, जब मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा और कुछ अन्य लोग मानसा बाजार में दुकान के मालिक से एक व्यक्ति को कुछ मादक पदार्थ बेचने को लेकर सवाल कर रहे थे।
झोटा अपने मोबाइल फोन पर बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे। इंटरनेट पर सामने आए पांच मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली है।
वीडियो में झोटा को दुकान के मालिक से यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘मार, मार, तू हमें गोली मार।’’ इसके बाद दुकान के मालिक ने कथित तौर पर गोली चला दी।
इसके बाद झोटा और उनके साथी दुकान से बाहर आ गए।
एक अन्य वीडियो में मेडिकल स्टोर मालिक हथियार लहराते हुए दुकान से बाहर निकलता और जान बचाने के लिए भाग रहे झोटा का पीछा करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में हथियार लिए मेडिकल स्टोर संचालक को देखकर कई लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि बाद में झोटा पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़े मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना की व्यापक निंदा हो रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य सरकार और अन्य राजनीतिक दल मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पन्नू ने कहा, “मानसा में हुई हत्या बेहद निंदनीय है। जानकारी मिल रही है कि यह हत्या केमिस्ट दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने की है। पंजाब में किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की निंदा करते हुए भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मानसा में मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लड़ रहे परविंदर झोटा को गोली मार दी गई और बाद में उनकी मौत हो गई। भगवंत मान, क्या अब जो भी आवाज उठाने की हिम्मत करेगा, उसकी हत्या कर दी जाएगी? पंजाब के लोगों, एकजुट होइए और जवाब मांगिए। इस सरकार से इस्तीफे की मांग कीजिए!”
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिनदहाड़े झोटा की हत्या को कानून-व्यवस्था की “नाकामी” और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के “मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ की विफलता” का सीधा नतीजा बताया।
वड़िंग ने कहा, “परमिंदर ने पंजाब में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन आप सरकार ने कभी भी उसकी पहल का समर्थन नहीं किया। दिनदहाड़े हुई उसकी हत्या आप सरकार की गंभीर नाकामियों को उजागर करती है।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की।
ढिल्लों ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “पंजाब में जंगलराज है। मानसा में मादक पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की खुलेआम हत्या कर दी गई। बदलाव लाने का दावा करने वाली आप सरकार को बताना चाहिए कि क्या यही उसका बदलाव है? भगवंत मान जी, पंजाबियों पर रहम कीजिए, इस्तीफा दीजिए और पंजाब को इस सरकार से मुक्ति दिलाइए।”
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने हत्या पर हैरानी जताई।
बादल ने कहा, “यह जघन्य हत्या इस बात की स्पष्ट याद दिलाती है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। झोटा लगातार मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया और न ही किसी ने उनका साथ दिया।”
बादल ने कहा, “बहुचर्चित ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान महज दिखावा है और पूरी तरह विफल रहा है। हाल की घटनाओं ने उजागर कर दिया है कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार पंजाब को लूटने और अपने फायदे के लिए राज्य के संसाधनों को खत्म करने में पूरी तरह जुटी हुई है। राज्य में बिगड़ती स्थिति पर उसका बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। सरकार की इस आपराधिक लापरवाही के कारण पंजाब के लोग हर दिन परेशानियां झेल रहे हैं। इस जंगलराज का अंत होना चाहिए।”
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश