मुंबई, 13 अक्टूबर (भाषा) डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी से मिले समर्थन के बीच घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार वापसी की। सेंसेक्स 1,109 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 22,720 अंक के ऊपर बंद हुआ।
विश्लेषकों ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्तीय और दैनिक उपयोग के उपभोक्ता सामान (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में लिवाली से भी घरेलू बाजार में निवेशक धारणा को समर्थन मिला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत चढ़कर 73,033.78 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,120.99 अंक उछलकर 73,045.67 अंक तक पहुंच गया था। सेंसेक्स में यह किसी एकल कारोबारी सत्र की चार महीने की सबसे बड़ी बढ़त है।
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत बढ़कर 22,721.95 अंक पर बंद हुआ। यह दो महीने से अधिक समय में निफ्टी की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर अनुकूल तिमाही नतीजों के बाद सबसे अधिक 8.28 प्रतिशत चढ़ गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 6.59 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 4.90 प्रतिशत और इन्फोसिस का भी शेयर 4.44 प्रतिशत चढ़ गया।
इसके अलावा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक भी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक, इटर्नल और मारुति के शेयरों में गिरावट रही।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी कंपनियों के उम्मीद से बेहतर नतीजों से कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि को लेकर भरोसा बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों में अधिक हिस्सेदारी रखने वाली बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। रुपये में स्थिरता और बॉण्ड प्रतिफल में नरमी से भी बाजार धारणा को समर्थन मिला तथा वित्तीय कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों का ध्यान बढ़ा।’’
वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एलटीसीजी कर और प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को युक्तिसंगत बनाने को लेकर चर्चा चल रही है। उन्होंने इसे स्वस्थ चर्चा बताते हुए कहा कि वह इन विचारों को गंभीरता से सुनेंगी।
वित्त मंत्री की इस टिप्पणी से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में लिवाली बढ़ी और बाजार दोनों सूचकांकों के दिन के उच्च स्तर के करीब बंद हुए।
इस बीच, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये में सुधार जारी रहा। मंगलवार को रुपया करीब 41 पैसे मजबूत होकर 95.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक द्वारा डेरिवेटिव बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उपायों की घोषणा के बाद रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी आई। इन तीन सत्रों में रुपया 1.5 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.66 प्रतिशत गिरकर 104.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की 225 गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे।
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान तेजी का रुख देखा गया। अमेरिकी बाजार सोमवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,708.48 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
सोमवार को सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 अंक पर और निफ्टी 157.10 अंक टूटकर 22,363.35 अंक पर बंद हुआ था।
भाषा प्रेम अजय
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